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Hisar News: लकी पीला पटका नहीं आया प्रदीप काला के काम

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प्रदीप उर्फ काला फाइल फोटो - फोटो : Hisar
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अमित कुमार
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बास (हिसार)। बडाला निवासी गैंगस्टर प्रदीप उर्फ काला पीले रंग को खुद के लिए लकी मानता था। वह हमेशा अपने गले में पीले रंग का पटका व कपड़ा रखता था। मंगलवार को प्रदीप की हत्या हुई उस समय भी वह पीले रंग की जाकेट पहने हुआ था।
वहीं, पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार प्रदीप उर्फ काला की हत्या में जमावड़ी गिरोह का नाम सामने आया है। वर्ष 2017 में हिसार शहर में काला ने प्रदीप जमावड़ी व उसकी मां की हत्या की थी। प्रदीप जमावड़ी की मौत के बाद से रंजिश बढ़ गई थी। फिलहाल बास थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए हांसी के सरकारी अस्पताल में लाया गया है। गैंगवार के बाद माहौल तनावपूर्ण है। संवाद
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बदमाशों ने जीतपुरा बस स्टैंड पर खड़े युवाओं से कहा-घर भाग जाओ वरना गोली लग जाएगी
घटना के बाद मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि जीतपुरा के बस स्टैंड पर स्कूल-कॉलेजों में जाने वाले छात्र खड़े थे। इस दौरान गाड़ी में आए बदमाशों ने कहा कि यहां से वापस अपने घर चले जाओ, वरना गोली लग जाएगी। डर के मारे सभी छात्र वहां से गांव की तरफ भाग गए। प्रदीप उर्फ काला की हत्या के बाद आरोपी जब भागने लगे तो घटना स्थल से 100 मीटर की दूरी पर ही उनकी गाड़ी खराब हो गई। जिस पर बदमाशों ने एक राहगीर को पिस्तौल दिखाकर गाड़ी छीन ली और फरार हो गए।
रेकी का शक
प्रदीप उर्फ काला की हत्या पूरी साजिश के तहत की गई। हमलावरों ने वारदात स्थल पर तीन लोगों को तैनात किया हुआ था। हमलावरों ने पहले काला की गाड़ी को टक्कर मारी। जब प्रदीप काला गाड़ी से उतरा तो पहले से मौजूद तीन हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी।
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बदमाशों की गाड़ी में पिस्तौल और एक देसी कट्टा मिला
वारदात के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और हमलावरों की गाड़ी की तलाशी ली तो उसमें शराब की बोतलें, एक पिस्तौल, एक देसी कट्टा, दो कारतूस बरामद हुए। पुलिस वारदात में प्रयोग की गई गाड़ी की पड़ताल कर रही है कि यह चोरी या लूटी गई तो नहीं।
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