हिसार। सीईटी ग्रुप डी परीक्षा रविवार को संपन्न हुई, मगर परीक्षा केंद्र पहुंचने से पहले ही परीक्षार्थियों की परीक्षा हुई। बसों में भारी भीड़ के चलते परीक्षार्थियों का सफर मुश्किल भरा रहा। कई परीक्षार्थियों को केंद्र पर पहुंचने के लिए बस तक नहीं मिली। ऐसे में परीक्षार्थियों की बस स्टैंड पर काफी भीड़ उमड़ी रही। हालांकि रात 12 बजे के बाद रोडवेज ने बसें चलानी शुरू कर दी थी। वहीं, प्राइवेट बसों की छत पर भी परीक्षार्थी सफर कर रहे थे।
हिसार से अंबाला पेपर देने गए विकास ने बताया कि जब बस स्टैंड पर पहुंचा तो बस भरी हुई थी। पौने घंटे तक बस का इंतजार किया। मेरे दोस्तों ने तो दूसरे जिलों से बस पकड़ी। प्रशासन को ज्यादा बसें चलानी चाहिए थी। हिसार से पानीपत परीक्षा देने पहुंचे साहिल का कहना है कि बसों में पैर रखने के लिए जगह तक नहीं थी। परीक्षार्थी प्रशांत सैनी ने बताया कि बस में भीड़ के कारण काफी परेशानी हुई। महेंद्रगढ़ से हिसार पेपर देने पहुंचे विनोद और सचिन ने बताया कि जब वह आए थे तो बस मिल गई थी। मगर शाम को वापस लौटते समय बस की सुविधा नहीं मिली।
फोटो: 19 एचआई 3 से 6 तक
पेपर थोड़ा कठिन था, लेकिन अच्छा हुआ। पेपर के लिए पिछले काफी समय से घर पर ही तैयारी कर रहा था। ज्यादा समस्या हिसार सेंटर पर पहुंचने में हुई। बस में पैर रखने के लिए जगह तक नहीं थी। अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए ज्यादा बसें चलानी चाहिए थी। - जतिन, चांग
पेपर देने से ज्यादा परेशानी परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में आई। मैथ के सवाल कुछ कठिन थे, लेकिन जीके आसान आई थी। उम्मीद है कि पेपर में पास हो जाऊंगा। - राज, भिवानी
पेपर के लिए परीक्षा केंद्र में जल्दी एंट्री होने के कारण काफी समय तक बैठना पड़ा। बसों के चलने से काफी समय पहले ही बस स्टैंड पहुंच गया था, ताकि सीट मिल जाए। जब बस स्टैंड पहुंचा तो सभी बसें भरी हुई थी। -हनी बेदी, टोहाना
घर पर कोई पारिवारिक सदस्य नहीं था। ऐसे में पेपर देने आई तो छोटा बच्चा साथ लाना पड़ा। बस में भीड़ के कारण बच्चे के साथ सफर करना मुश्किल रहा। बस में सफर खड़ी होकर किया। प्रशासन को खासतौर पर महिलाओं और युवतियों के लिए अलग से बसों की व्यवस्था करनी थी। - तनु, हांसी
सीईटी परीक्षा के बाद घर जाने के लिए जोखिम भरा सफर करने को मजबूर युवा। संवाद