हिसार। पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तरी राजस्थान व पश्चिमी हरियाणा पर कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। शुक्रवार को इसके प्रभाव से प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हुई। साथ ही कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो 25 व 26 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के पूर्वी व उत्तरी जिलों के अलावा एनसीआर व दिल्ली में बारिश की संभावना है। बता दें कि शुक्रवार को भारतीय मौसम विभाग ने बारिश व ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया था।
15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं हवाएं
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से शुक्रवार सुबह जिला महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, झज्जर, रोहतक, भिवानी, रेवाड़ी, गुरुग्राम, सोनीपत व हिसार में कई स्थानों पर तेज गति से हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। साथ ही साथ ही कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई। इस दौरान 15-20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। शाम साढ़े 5 बजे तक महेंद्रगढ़ के नारनौल में 2.0 एमएम, सतनाली 8.0, महेंद्रगढ़ में 5.0, कनीना में 3.0, पाली में 27.5,अकोदा में 20.0, अटेली में 3.0 एमएम बारिश हुई। वहीं, अंबाला में 3.0, हिसार में 0.1, रोहतक में 3.0, गुरुग्राम में 9.0 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा झज्जर, रेवाड़ी, सोनीपत व यमुनानगर में भी हल्की बारिश हुई। प्रदेश में न्यूनतम तापमान 13.0 से 16.0 और अधिकतम तापमान 24.5 से 30.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
आगे ये रहेगा मौसम
25 व 26 मार्च को प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी जिलों पर अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा। पांच दिनों के ब्रेक के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ 30 मार्च को सक्रिय होने से प्रदेश में 31 मार्च से एक अप्रैल के दौरान फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
इन कारणों से हो रही ज्यादा ओलावृष्टि
डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार ऊपरी वायुमंडल में जेट हवाएं चलती हैं, जिनकी रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक होती है। ये हवाएं पश्चिम से पूर्व की तरफ से चलती हैं। अब इन हवाओं का झुकाव थोड़ा दक्षिण की तरफ हो गया हैं। ये हवाएं मानसून व पश्चिमी विक्षोभ को गति प्रदान करती हैं। इन हवाओं के कारण से बारिश व ओलावृष्टि हो रही है।