हिसार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निशांत शर्मा की अदालत ने तीन साल पहले मकान मालकिन सरिता मलिक (62) की हत्या के दोषी पंजाब के मानसा निवासी जयजवान सिंह उर्फ बंटी और उसकी पत्नी पिंकी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 17-17 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। वर्ष 2021 में दंपती सरिता के मकान में किरायेदार था। दोनों पक्षों में बिजली बिल के 500 रुपये को लेकर विवाद हुआ तो दंपती ने थापी से हमला कर हत्या कर दी थी।
कैमरी रोड के शास्त्री नगर निवासी राहुल मलिक ने पुलिस को बयान देकर कहा था कि वह साल 2018 में नेवी से रिटायर्ड हुआ था। अब राष्ट्रीय कृषि व विकास ग्रामीण बैंक उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून में नौकरी करता है। उसके साथ पत्नी व बच्चों के साथ देहरादून में रहते हैं। उसके पिता सीआईएसएफ में नौकरी करते थे। वर्ष 2004 में उनका निधन हो गया था। उसकी मां सरिता अकेली शास्त्री नगर के मकान में रहती थी। मां के फोन न उठाने पर 13 अगस्त 2021 को पड़ोसी कृष्ण से संपर्क किया। उसने हमारे घर जाकर देखा तो बताया कि घर पर ताला है और अंदर से बदबू आ रही है। इसके बाद डायल 112 को सूचना दी। पुलिस ने मकान का कमरा खोला तो उसकी मां का शव गली-सड़ी हालत में मिला। फर्श पर खून लगा था। बाद में पुलिस ने दंपती से पूछताछ की तो हत्या का खुलासा हुआ था। उक्त मामले में अदालत ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।