हिसार। एडीजे गगनदीप मित्तल की अदालत ने हांसी के युवक भारत की हत्या के मामले में गौरव, मुनीष नरूला व उसके दो बेटे मोनू व शेरू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा के अलावा चारों दोषियों पर 20- 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, अदालत ने आरोपी खैराती और विक्की को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। इस संबंध में हांसी शहर थाना पुलिस ने 15 अप्रैल 2016 को हांसी के मुल्तान नगर कॉलोनी निवासी गुलशन की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज किया था।
शहर थाना में दी गई शिकायत में गुलशन ने बताया था कि वह ट्रक यूनियन में आरसी, लाइसेंस के फार्म भरने का काम करता था और उसका छोटा भाई भारत भी साथ में काम करता था। करीब दो माह पूर्व उसके भाई भारत का मोनू और शेरू नरूला के साथ झगड़ा हुआ था। इसके बाद से वे उससे रंजिश रखते थे। 14 अप्रैल 2016 की रात को वह अपने भाई भारत के साथ गली में बैठा था। रात करीब 10 बजे किसी ने उसके भाई को आवाज लगाई तो वह उठकर सरकारी स्कूल की तरफ चला गया। इसके बाद वह उसके पीछे-पीछे गया तो देखा कि मोनू नरूला, शेरू नरूला, उसके पिता मुनीष नरूला ने उसके भाई को पकड़ा हुआ था और उनके साथ मोनू का साढ़ू व शेरू का साला व अन्य भी थे। जब भारत स्वयं को छुड़वाकर भागने लगा तो उक्त आरोपियों ने उसे पीटा। इसके बाद मोनू व शेरू ने पिस्तौल से भाई को गोलियां मार दी। बाद में मुनीष ने मोनू के हाथ से पिस्तौल लेकर भारत को गोली मारी। जब वह भारत को अस्पताल लेकर पहुंचा, तो चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।