हिसार। पशुओं में फैली लंपी बीमारी की रोकथाम का कार्य मुख्यमंत्री के हाथों आते ही फर्क साफ नजर आने लगा है। शनिवार को मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से समीक्षा की और रविवार को जिले को वैक्सीन की एक लाख 5 हजार डोज की मंजूरी मिल गई। मंगलवार तक वैक्सीन की यह खेप जिले के स्टोर में पहुंचने की उम्मीद है। बुधवार से जिले में बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।
वहीं, गोशालाओं में टीकाकरण का कार्य लुवास की टीम करेगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में पशुपालन विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिले में करीब एक लाख 15 हजार गोवंश हैं। इनमें से 51163 पशु जिले की 56 गोशालाओं में हैं। शेष पशु ग्रामीण क्षेत्र में पशुपालकों के यहां हैं। बीमारी की शुरुआत होने पर पशुपालन विभाग ने वैक्सीन की एक लाख डोज की डिमांड भेजी थी, जिसके सापेक्ष केवल 8319 डोज मिली थी। शनिवार को हुई समीक्षा के दौरान यह मामला उठा था। इसके बाद शासन स्तर से जिले को एक लाख पांच हजार डोज वैक्सीन मिलने का रास्ता साफ हो गया। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक श्रीभगवान ने बताया टीके मिलने के बाद बुधवार से वृहद टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा। गोशालाओं में लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) की टीम टीकाकरण करेगी। शेष पशुओं के टीकाकरण का जिम्मा पशुपालन विभाग के पास है।
24 घंटे में 63 पशु मिले संक्रमित
गोवंश में फैली लंपी बीमारी का जिले में असर बढ़ता ही जा रहा है। 24 घंटे में 63 पशु संक्रमित मिले हैं, जिनमें से 58 पशु चार गांवों की 5 पशु गोशालाओं में हैं। जिले में संक्रमित पशुओं की संख्या बढ़कर 236 हो गई है।
जिले में करीब 20 दिन पहले लंपी का पहला केस अग्रोहा की गोशाला में मिला था। इसके बाद से बीमारी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। रविवार को मतलोडा, राखी शाहपुर, सारंगपुर और लाडवी गांव में 58 पशु बीमार मिले हैं। इससे पहले कन्हड़ी, हसनगढ़, चमारखेड़ा, फरीदपुर और ठसका गांव में पशु बीमार मिले थे। अब ग्रामीण क्षेत्र में कुल बीमा पशुओं की संख्या 116 हो गई है। इनमें से 75 पशु बीमार हैं, जबकि 41 स्वस्थ हो चुके हैं।
इसके अलावा गोशालाओं में भी पांच पशु बीमार मिले हैं। वैष्णव गोशाला अग्रोहा, गो अभ्यारण्य हिसार, कालीरामण व कन्हड़ी गोशाला में पशु बीमार हुए थे। गोशालाओं में कुल 120 पशु संक्रमित हैं, जिनमें से 93 ठीक हो चुके हैं और 27 का उपचार चल रहा है।
उपनिदेशक पशुपालन श्रीभगवान ने बताया कि बीमार पशुओं का लक्षण के आधार पर उपचार किया जा रहा है। पशुओं के संक्रमित होने की जानकारी मिलने पर वहां फॉगिंग व अन्य उपाय किए जा रहे हैं। पशुपालकों से अपील की गई है कि वे संक्रमित पशुओं को अन्य पशुओं से दूर रखें। बीमार पशु की देखभाल पर विशेष ध्यान दें।
मच्छर-मक्खी से पशुओं को बचाएं : डॉ. सुधीर
राजकीय पशु अस्पताल हांसी के सर्जन डॉ. सुधीर मलिक ने बताया कि लंपी पॉक्स वायरस के बढ़ते प्रसार को देखते हुए पशुपालकों को खास सावधानी रखनी होगी। सबसे जरूरी है कि पशुओं को बांधने वाले स्थान की सफाई रखें। मच्छर व मक्खी से बचाव के लिए मच्छरदानी का अवश्य प्रबंध करें। पशु को बुखार आने, चारा न खाने, शरीर पर फफोले दिखने पर पशु चिकित्सक को सूचना दें, जिससे कि तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया जा सके।
सीमापार से पशुओं को रोकेगी पुलिस, फॉगिंग कराएगा स्वास्थ्य विभाग
लंपी बीमारी के इलाज व टीकाकरण की निगरानी के लिए डीसी की अध्यक्षता में कमेटी बनी है। इस कमेटी में एसपी, सीएमओ, उप निदेशक पशुपालन और जिला परिषद के सीओ को शामिल किया गया है। पशुपालन उपनिदेशक श्रीभगवान ने बताया कि पशुओं के सीमापार आवागमन को रोकने की जिम्मेदारी पुलिस विभाग की होगी, जबकि आबादी के बीच फॉगिंग स्वास्थ्य विभाग कराएगा। टीका मिलने पर बुधवार से एक सप्ताह के अंदर सभी पशुओं का टीकाकरण कर दिया जाएगा।
10 दिन में हो जाएगा सभी पशुओं का टीकाकरण
जिले की 56 गौशालाओं के 51000 गोवंश के टीकाकरण की जिम्मेदारी लुवास की है। इसे पूरा करने के लिए कुलपति प्रो. विनोद कुमार वर्मा के निर्देश पर अनुसंधान निदेशक डॉ. नरेश जिंदल की अध्यक्षता में बैठक हुई। डॉ. नरेश जिंदल ने बताया कि विश्वविद्यालय ने 10 दिनों में सभी मवेशियों का टीकाकरण की योजना बनाई है।
पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय के डीन डॉ. गुलशन नारंग ने बताया कि टीकाकरण के लिए वैज्ञानिकों, स्नातकोत्तर छात्रों, इंटर्नशिप छात्रों और पैरा पशु चिकित्सा कर्मचारियों की टीमों का गठन किया जाएगा। ये टीमें प्रतिदिन दो पालियों में गोशालाओं का दौरा कर टीकाकरण कार्य पूरा कराएंगी। बैठक में आईपीवीएस निदेशक डॉ. एसपी दहिया, पशु चिकित्सा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और महामारी विज्ञान विभाग के डॉ. विजय जाधव व पशु चिकित्सा नैदानिक परिसर की डॉ. दिव्या अग्निहोत्री ने हिस्सा लिया।