हिसार। ग्रामीण इलाकों के पशुओं में लंपी वायरस तेजी से फैल रहा है। मंगलवार को नौ गांवों में 55 नए केस मिले। इनके साथ ही अब कुल संक्रमित पशुओं की संख्या 311 हो गई है। वहीं बीमारी का प्रकोप चार गोशालाओं समेत 24 गांवों तक पहुंच गया है।
मंगलवार को जिले के किरोड़ी, गैबीपुर, चौधरीवास, मोहब्बतपुर, लाडवा, पनिहारचक, किरमारा, लांधड़ी और संडौल में लंपी ग्रसित पशु मिले। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में बीमार पशुओं की संख्या 181 पहुंच चुकी है। इसके अलावा कालीरामण की गोशाला में 10 पशु बीमार मिले हैं। जिले की चार बड़ी गोशालाओं में 130 पशु लंपी की चपेट में आ चुके हैं। जिले में 134 पशु स्वस्थ हो चुके हैं।
पशुओं का भ्रमण रोकना जरूरी
उप निदेशक पशुपालन श्रीभगवान ने बताया कि लंपी पॉक्स एक संक्रामक बीमारी है, जिसकी रोकथाम के लिए पशुओं को मक्खी, मच्छरों से बचाने के साथ-साथ उनका भ्रमण रोकना भी जरूरी है। गोशालाओं में नियमित तौर पर दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के पशुपालकों को भी सलाह दी जा रही कि साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। संक्रमित पशु को अन्य पशुओं से अलग रखें और मच्छरदानी लगाएं। इसके अलावा पशुओं को खुला न छोड़ें। नियमित देखभाल व उपचार से संक्रमित पशु पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएगा।
संक्रमण को लेकर धारा-144 लागू, पशु मेले पर रोक
जिलाधीश डॉ. प्रियंका सोनी ने पशुओं में फैल रही लंपी बीमारी के बढ़ते संक्रमण के दृष्टिगत के जिले में पशु मेला लगाने, पशुओं को दूसरे जिलों व राज्यों से लाने और ले जाने पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।
जिलाधीश द्वारा जारी आदेशानुसार गायों, बैल व अन्य पशुओं को लंपी बीमारी के प्रभाव से बचाने के लिए पशु मेले आयोजित करने, पशुओं को आवागमन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने के लिए धारा 144 के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक हिसार/हांसी को पुलिस नाकों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर पशुओं के आवागमन के सभी वाहनों पर नजर रखने की हिदायत दी है। यदि कोई भी व्यक्ति आदेशों की अवहेलना करने का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो