किसानों को उद्यमी बनाने के लिए लाला लाजपत राय पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करेगा। हिसार में यह सेंटर सुचारु होने के बाद महेंद्रगढ़ में भी सेंटर खोला जाएगा। इनमें दुग्ध उत्पाद प्रसंस्करण, मिनरल मिक्सचर उत्पादन, पशु चारा उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पर 3.75 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शीघ्र ही मंत्रालय को सौंपी जाएगी।
लुवास अधिकारियों ने कुलपति कार्यालय में सूक्ष्म लघु एवं उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया। जिसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. विनोद कुमार वर्मा ने की। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग से सहायक निदेशक जनक कुमार, कैपिसिटी बिल्डिंग इंचार्ज सुभाष, लुवास के अधिष्ठाता एवं कुलसचिव डॉ. गुलशन नारंग, अनुसंधान निदेशक डॉ. नरेश जिंदल, निदेशक मानव संसाधन डॉ. सुरेंद्र सिंह ढाका, लुवास के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अशोक मलिक, कंसल्टेंट्स फैकल्टी डॉ. नरेश कुमार कक्कड़ ने भाग लिया।
कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बेरोजगारी दूर करने के लिए हमें किसानों को उद्यमी बनाने की आवश्यकता है। किसान स्वयं का कृषि आधारित उद्योग शुरू कर सकते हैं। ऐसे उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से प्रशिक्षण एवं अनुदान दिया जा रहा है।
ग्रामीण जानकारी एवं उचित प्रशिक्षण के अभाव में अपना काम-धंधा नहीं शुरू कर पाते। इस समस्या को दूर करने के लिए लुवास- सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग की सहायता से तीन प्रसंस्करण लाइनों की शुरुआत करेगा।