नारनौंद। उपमंडल के गांव कापड़ो में खेत में काम करते समय जहरीले कीड़े के काटने से 44 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान कापड़ो निवासी सतीश के रूप में हुई है। मृतक के शव का अग्रोहा के मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया है। नारनौंद थाना पुलिस द्वारा मृतक की पत्नी के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई अमल में लाई गई है। मृतक की पत्नी मीरा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह मेहनत-मजदूरी का काम करती है और उसके दो बच्चे हैं। 5 अक्तूबर को वह और उसका पति सतीश गांव के ही बारू के खेत में बाजरे की सिरटी तोड़ने गए हुए थे। सुबह करीब 11 बजे जब दोनों खेत में काम कर रहे थे तभी सतीश को दाहिने पैर में कुछ चुभने का अहसास हुआ। उसने उस समय इस पर ध्यान नहीं दिया और काम करता रहा। रात को करीब 10 बजे सतीश के पैर में तेज दर्द शुरू हो गया। तब उसका देवर कर्मवीर उसे लेकर खेड़ी चौपटा के अस्पताल पहुंचा। यहां डॉक्टरों ने बताया कि सतीश को किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया है। प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उसे घर ले आए। अगले दिन भी जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो 6 अक्तूबर को उसे दादी गोरी पर झाड़ा लगवाने के लिए ले जाया गया, लेकिन वहां भी कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद 8 अक्तूबर को सतीश को गंभीर हालत में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान सतीश की हालत बिगड़ती गई और उसने दम तोड़ दिया। रविवार को मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार के लोगों ने बताया कि सतीश परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था और उसकी मौत से आर्थिक संकट गहरा गया है। पुलिस का कहना है कि यह प्राकृतिक कारणों से हुई मौत प्रतीत होती है। शव का अंतिम संस्कार गांव में ही किया गया।