हिसार। बीती 24 जून को महिंद्रा शोरूम पर सरेआम गोलीबारी और 5 करोड़ की रंगदारी मांगने के हाईप्रोफाइल मामले में एसटीएफ ने मुख्य साजिशकर्ता काला खैरमपुरिया के गुर्गे साहित्य को गिरफ्तार किया है। व्यापारियों के पांच जुलाई को हिसार बंद के फैसले और अब तक आरोपियों को पकडे़ जाने में नाकामी के आरोपों से घिरी पुलिस ने वारदात के आठवें दिन यह खुलासा किया। प्रारंभिक जांच में आरोपी ने कबूल किया कि उसने वारदात को अंजाम देने के लिए तीन शार्प शूटर हायर किए थे। पुलिस ने रविवार को एक दिन की रिमांड के बाद आरोपी को सोमवार को फिर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया। साहित्य से पूछताछ के दौरान जो नाम सामने आए हैं, उन बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ छापे मार रही है। हालांकि बदमाशों के नामों का खुलासा नहीं किया है। एसटीएफ ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का जल्द पटाक्षेप करने का दावा किया है।
ऑटो मार्केट स्थित महिंद्रा शो रूम पर 24 जून को दोपहर बाद करीब पौने तीन बजे बाइक पर आए तीन बदमाशों ने काउंटर पर 5 करोड़ की रंगदारी की पर्ची फेंक कर 35 से अधिक गोलियां चलाईं थीं। इसके बाद बदमाश हथियार लहराते हुए फरार हो गए थे। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। इसमें बाइक चला रहे बदमाश का चेहरा साफ नजर आ रहा था। पुलिस ने इन्हें पकड़ने के लिए पांच टीमों का गठन किया था, लेकिन कोई सफलता नहीं मिलने पर तीन दिन पहले मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी।
बालसमंद क्षेत्र से उठाया था
एसटीएफ ने शनिवार को बालसमंद निवासी साहित्य (26) को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। इस दौरान पता चला कि उसने पूरी वारदात की साजिश रची थी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर रविवार को एक दिन का रिमांड लिया। जांच में उसके तार कुख्यात बदमाश काला खैरमपुरिया से जुड़े होना सामने आए। हालांकि उस पर अभी कोई मुकदमे दर्ज नहीं हैं। साहित्य ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के लिए उसने पहले मोबाइल फोन के जरिए बदमाशों से बातचीत की और बाद में खुद संपर्क किया। उसने ही शार्प शूटरों को रंगदारी की पर्ची पर अलग-अलग गिरोह के नाम लिखकर दिए। साहित्य ने पूछताछ के दौरान कई खुलासे किए हैं, लेकिन एसटीएफ ने जांच चलने का हवाला देकर बदमाशों के नाम और अन्य जानकारियों का खुलासा नहीं किया है।
बदमाशों के ठिकानों पर दबिश जारी
साहित्य से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस की पांच टीमें और एसटीएफ तीनों बदमाशों के ठिकानों पर दबिश दे रही है। इसके साथ ही आगे की कड़ियों को जोड़ने में लगी है।
काला खैरमपुरिया के लिए करता है काम
एसटीएफ की माने तो आरोपी साहित्य काला खैरमपुरिया गैंग के लिए काम करता है। कुछ समय पहले ही वह गैंग से जुड़ा है। महिंद्रा शोरूम मालिक से 5 करोड़ की रंगदारी मांगने के लिए फेंकी गई पर्ची पर सबसे ऊपर काला खैरमपुरिया का ही नाम लिखा हुआ था। काला खैरमपुरिया ने ही सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर वारदात की जिम्मदारी ली थी। वहीं दो और व्यापारियों से 2-2 करोड़ की रंगदारी मांगने वाले ने भी खुद का नाम काला खैरमपुरिया बताया था।