हिसार। लघु सचिवालय में शुक्रवार को जनपरिवाद समिति की बैठक हुई। इस दौरान बरवाला से जजपा विधायक जोगीराम सिहाग भी फरियादी की तरह गृहमंत्री अनिल विज के सामने गुहार लगाते नजर आए। विधायक जोगीराम सिहाग ने कहा कि तहसीलदार काम नहीं कर रही है। मेरे खुद के मकान के फैमिली पार्टिशन के काम को तहसीलदार ने अपने खुद के नियम बनाते हुए इन्कार कर दिया है। इस पर गृहमंत्री अनिल विज ने तहसीलदार शालिनी लाठर को तलब किया और मौके पर आदेश दिए कि यह काम होना चाहिए।
इसके अलावा बैठक में बरवाला के पूर्व पार्षद जगदीश ने चार करोड़ रुपये के स्ट्रीट लाइट घोटाले में एफआईआर को गलत तरीके से रद्द करने पर पुलिस पर सवाल उठाए। विधायक जोगीराम ने भी उनका समर्थन करते हुए जांच की मांग रखी। गृहमंत्री अनिल विज ने इस मामले में एसआईटी गठित कर जांच के आदेश दिए।
बैठक में 12 शिकायतें सुनीं, आठ थी पुरानी
गृहमंत्री अनिल विज ने लघु सचिवालय सभागार में जनपरिवाद समिति की बैठक में 12 शिकायतों को सुना। इसमें 8 पुरानी और 4 नई शिकायतें शामिल थीं। शिकायतें खत्म होने के बाद बरवाला से जजपा विधायक जोगीराम सिहाग मंत्री के पास से उठकर फरियादियों वाली लाइन में खड़े हो गए। विधायक ने बताया कि तहसीलदार लोगों की तो छोड़ो, विधायकों तक की नहीं सुनतीं।
इसके अलावा बरवाला के पार्षद जगदीश गुलाटी ने कहा कि बरवाला नगर पालिका में एक करोड़ की स्ट्रीट लाइटों के बिल को एक महीने में चार करोड़ बनाकर घोटाला किया गया। इसमें नगर निगम की तत्कालिक संयुक्त आयुक्त बेलिना ने जांच कर नगर परिषद के अधिकारियों को दोषी करार दिया था। अधिकारियों को निलंबित किया गया था। ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट कर उस पर एफआईआर भी की गई। अब इंस्पेक्टर व डीएसपी ने उस एफआईआर को रद्द कर दिया है। गृहमंत्री ने कहा कि इस मामले की एसआईटी से जांच कराएंगे।
स्कॉलर सोसायटी के चुनाव कराने के निर्देश
प्रेम सिंह, अजमेर, बलवंत सिंह, नवाब अली की ओर से दी हिसार स्कॉलर हाउस बिल्डिंग सोसायटी गंगवा के खिलाफ शिकायत में प्लाॅट के मल्टीपल आवंटन के आरोपों में सोसायटी की प्रधान के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई की गुहार लगाई। इस पर गृह मंत्री ने निगमायुक्त को जांच में तेजी लाने व सोसायटी के चुनाव करवाने के निर्देश दिए।
20 जून तक रजिस्ट्री करवाएं
नारनौंद के राजपाल सिंह की वर्ष 1981 में पंचायत से खरीदे गए प्लाॅट की रजिस्ट्री के मामले में गृहमंत्री ने निर्देश दिए कि चिट्ठी पर चिट्ठी जाती है, लेकिन काम नहीं होता। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए 20 जून तक पीड़ित के पक्ष में रजिस्ट्री करवाएं।
उम्रकैद जितनी सजा दे दी
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन हिसार ने मारबल सिटी में गृह मंत्री अनिल विज ने बताया कि इस मामले में हरेरा के पास भेज दिया गया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए कि कॉलोनाइजर का लाइसेंस रद्द करने व जुर्माना वसूलने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखें। कॉलोनी में पानी की दोबारा से सैंपलिंग के निर्देश दिए। 13 साल से कॉलोनाइजर सुविधा नहीं दे रहा उसने तो इन लोगों की उम्रकैद जितनी सजा दे दी।
पंचायती जमीन पर कब्जे बर्दाश्त नहीं
चमार खेड़ा में पंचायती जमीन पर कब्जे के मामले में मंत्री ने कहा कि इस मामले में अधिकारियों के साथ एडीसी की अध्यक्षता में टीम निरीक्षण करे। अगर कब्जे मिले तो रिपोर्ट देने वाले बीडीपीओ को गुमराह करने के आरोप में निलंबित कर दिया जाए। अगर शिकायतकर्ता गलत मिले तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पंचायती जमीन पर कब्जे बर्दाश्त नहीं होंगे।
रिश्वत मामले में बोले-वीडियो भेजो, मैं आरोपियों को उड़ाता हूं
गांव स्याहडवा निवासी देवेंद्र ने पुलिस अधिकारियों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि उसके पास वीडियो भी है। मंत्री ने कहा लिखित शिकायत के साथ वीडियो भेजो। फिर देखना मैं किस-किस को उड़ाता हूं। इसके अलावा आनंद निकेतन वेलफेयर सोसायटी में नक्शे के विपरित चल रहे निर्माण कार्यों के मामले में मंत्री ने आदेश दिए कि जिसने भी गलत निर्माण किया हो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसमें शिकायतकर्ता भी शामिल होंगे तो उन पर भी वही कार्रवाई होगी।
मेरा नाम की काफी है...
एक शिकायत में महिला ने बताया कि कल ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। गृहमंत्री ने कहा कि कई काम तो मेरे नाम से ही हो जाते हैं। ग्रीवेंस कमेटी के सदस्य प्रो. केएल रिणवा ने कहा मंत्रीजी आप हर महीने आते रहा करो, आधे काम तो ऐसे ही हो जाएंगे। डीसी उत्तम सिंह ने भी उनका साथ देते हुए कहा कि मैंने भी मंत्रीजी से यही अनुरोध किया है।
लघु सचिवालय को बनाया छावनी
किसानों के लघु सचिवालय गेट पर धरने तथा रामायण गांव के लोगों के लघु सचिवालय पहुंचने के बाद मंत्री का सुरक्षा घेरा काफी कड़ा कर दिया। अधिकारियों- कर्मचारियों, मीडिया कर्मियों को भी जांच के बाद प्रवेश दिया गया। मंत्री को पिछले गेट से होते हुए कोर्ट वाले गेट से निकाला गया। लघु सचिवालय के मेन गेट पर किसानों का पड़ाव जारी रहा।