संवाद न्यूज एजेंसी
बालसमंद (हिसार)। कौन कहता है आसमां में छेद नहीं हो सकता एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो। आज मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूं कि अगर मनुष्य मेहनत और दृढ़ निश्चय कर ले तो हर मंजिल पा सकता है। इसका अहसास मुझे तब हुआ था, जब 10वीं कक्षा में मेरा चयन देश की सबसे बड़ी छात्रवृत्तियों में एक अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के लिए वर्ष 2018-19 में हुआ था। यह मेरे जीवन की पहली प्रतियोगी परीक्षा थी, जिसमे मुझे सफलता भी मिली। वहीं से मेरे अंदर जो आत्मविश्वास जागा, तो आज मैं हिंदुस्तान कंप्यूटर कंपनी में बतौर इंजीनियर पहुंच गया। ये कहना है हिसार जिले के डोभी गांव निवासी जितेन सुथार का।
जितेन ने बताया कि छात्रवृत्ति मिलने पर अमर उजाला से पहली बातचीत में मैंने कंप्यूटर इंजीनियर बनने का सपना संजोया और लगातार मेहनत की। जितेन अपने माता-पिता की इकलौती संतान है और मात्र 20 वर्ष की उम्र में कॅरिअर की मंजिल तक पहुंच गया है। इनके पिता कृष्ण सुथार गांव में ही सिलाई का काम करते हैं और माता शकुंतला गृहिणी हैं।
अमर उजाला ने राष्ट्रपति व रक्षामंत्री से मिलवाया
जिले के डोभी निवासी जितेन सुथार और गौरव ने बताया कि छात्रवृत्ति से आर्थिक सहायता तो मिली ही इस छात्रवृत्ति के माध्यम से देशभर के विभिन्न स्थानों पर जाकर सम्मान भी मिला। पेपर पास होने के बाद अमर उजाला के जरिये पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और पूर्व रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण से भी मिलने का अवसर प्राप्त हुआ।
ये रहा सफर
डोभी निवासी जितेन सुथार ने बताया कि छात्रवृत्ति मिलने के बाद मिले हौसले से पढ़ाई के प्रति जुनून पैदा हुआ। हिंदी समाचार पत्र के मार्गदर्शन से मेहनत कर हरियाणा सरकार द्वारा संचालित सुपर 100 परीक्षा में सफलता मिली। फिर विकल्पा फाउंडेशन रेवाड़ी में 11वीं और 12वीं के साथ साथ जेई मेन्स की तैयारी की। फिलहाल जतिन एनआईटी श्रीनगर में नेशनल इंस्टिट्यूट में बीटेक कर रहे हैं। निजी कंपनी हिंदुस्तान कंप्यूटर लिमिटेड ने जितेन को साढ़े आठ लाख रुपये का सालाना पैकेज दिया है। जितेन जून माह तक बीटेक पूरी कर लेंगे और जुलाई में कंपनी ज्वाइन करेंगे।