हिसार। सीजेएम शिफा की अदालत ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान 20 फरवरी 2016 में धीरणवास गांव के बस अड्डे के सामने हिसार-बालसमंद मार्ग को जाम करने के मामले में 14 आरोपियों को बरी कर दिया है। सदर थाना पुलिस ने 20 फरवरी 2016 को 17 आरोपियों के खिलाफ वाहन और पेड़ डालकर रोड जाम करने केस दर्ज किया था। 17 में से 3 आरोपियों की मौत हो चुकी है।
पुलिस की प्राथमिकी के अनुसार सदर थाना पुलिस की टीम को 20 फरवरी 2016 को सूचना मिली कि जाट आरक्षण के दौरान धीरणवास और रावलवास खुर्द के युवाओं ने धीरणवास गांव के बस अड्डे के सामने रोड जाम कर दिया है। सूचना के आधार पर एएसआई कपूर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बस अड्डे के सामने सड़क के बीच में युवाओं ने वाहन खड़े कर सड़क को जाम किया हुआ था। एडवोकेट सुरेंद्र संधू ने बताया कि सीजेएम शिफा की अदालत ने आरोपी तत्कालीन सरपंच तेलूराम, सुरेंद्र आर्य, पटेल, रामचंद्र, कुलदीप, जितेंद्र, कलीराम, पवन, महेंद्र, राजिंद्र, नफे सिंह, अमरजीत, जिले सिंह और धर्मबीर को बरी कर दिया है। वहीं सोनू, काना और विक्रम का देहांत हो चुका है।