हांसी। सिंचाई विभाग ने बीड़ फार्म गांव के नजदीक बीड़ माइनर को मिट्टी डालकर बंद कर दिया। जब क्षेत्र के किसानों को इसकी सूचना मिली तो वे मौके पर पहुंच गए। किसानों ने बीड़ माइनर बंद करने का विरोध कर प्रदर्शन किया। बाद में कर्मचारियों ने माइनर का शटर उठा दिया।
गुस्साए किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ आंदोलन करने व धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। विभाग के कर्मचारियों ने किसान एकत्रित होने की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही जेई श्रीकांत मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। किसानों ने कहा कि माइनर का नाका खोला जाए व पानी छोड़ा जाए। किसानों ने बताया कि उन्होंने धान की खेती कर रखी है। इसलिए उनको पर्याप्त पानी की जरूरत है। समय पर सिंचाई न होने से उनकी धान की फसल खराब हो सकती है। मौके पर पहुंचे दयाल सिंह कॉलोनी, सुलेमान बाड़ा, जग्गाबाड़ा, बीड़ फार्म, ढाणी पाल, कुलाना सहित अन्य क्षेत्र के किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की। किसान रामनिवास सैनी ने बताया कि सिंचाई विभाग ने बीड़ फार्म गांव के पास माइनर में मिट्टी डालकर नाका लगा दिया। जिसके कारण पानी सप्लाई बंद हो गई। किसानों के धान की फसल खराब हो सकती है। किसानों ने बताया कि माइनर के टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इस कारण किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों के विरोध के चलते सिंचाई विभाग ने जेसीबी की मदद से माइनर में डाली गई मिट्टी हटाकर नाका खोल दिया गया। इसके बाद एकत्रित हुए करीब 250 किसान बीड़ माइनर हेड पर पहुंच गए। किसानों ने बताया कि उनके हेड पर पहुंचने से पहले ही कर्मचारियों ने नाममात्र ही शटर उठाकर माइनर में पानी छोड़ दिया। बाद में किसानों ने शटर का और ऊंचा उठा दिया।
वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बीड़ माइनर में लाइनिंग व मरम्मत का काम चल रहा है। इस कारण माइनर को मिट्टी डालकर बंद किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि काम पूरा होने के बाद मिट्टी हटाकर माइनर को खोलना था। लेकिन इससे पहले ही किसानों ने विरोध करके माइनर के नाके को खुलवा दिया। अधिकारियों ने बताया कि इस कारण लाइनिंग व मरम्मत का काम बंद कर दिया और माइनर में पानी छोड़ दिया है।
बीड़ माइनर की मरम्मत की जा रही है इसी कारण मिट्टी डालकर इसकी पानी सप्लाई बंद की थी। लाइनिंग का काम पूरा होने के बाद माइनर को खोला जाना था। किसानों ने माइनर में मिट्टी डालकर नाके लगाने का विरोध कर दिया। इसके बाद हमने जेसीबी की मदद से मिट्टी निकालकर माइनर खोल दी- श्रीकांत, जेई, सिंचाई विभाग हांसी।