हांसी। सुल्तानपुर के खेतों में कृषि अधिकारियों ने कपास की फसल का निरीक्षण किया। किसानों से मुलाकात कर विशेषज्ञों ने कपास की फसल में आने वाले कीट जैसे सफेद मक्खी, हरा तेला, थ्रिप्स तथा मिलीबग की पहचान एवं रोकथाम के बारे में जानकारी दी। कपास की फसल में गुलाबी सूंडी के संभावित प्रकोप व रोकथाम के बारे में बताया। उप कृषि निदेशक गौरव चौहान ने बताया कि पहाड़ियों के साथ लगते कुछ गांवों में इसका आक्रमण देखने को मिल रहा है। लगभग एक हजार एकड़ क्षेत्र में इस कीट का प्रभाव है।
किसान इसके नियंत्रण के लिए सामूहिक रूप से साइपमैथरीन 25 प्रतिशत की 100 मिलीलीटर मात्रा का लंबडा साइहलथरिन 5 प्रतिशत की 80 से 100 मिलीलीटर मात्रा प्रति एकड़ की दर से 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। इस दौरान भारत सरकार के डॉ. के डब्ल्यू देशकर, आरसीआईपीएमसी नागपुर के संयुक्त निदेशक डॉ. वीडी निगम, उपनिदेशक फरीदाबाद गौरव चौहान, एवं सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी फतेहाबाद की टीमों ने खेतों का निरीक्षण किया। इस मौके पर उनके साथ कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हिसार की तरफ से डॉ प्रदीप पान्नू, कृषि विकास अधिकारी कंवारी, सुनील कुमार एवं दीपक कुमार सुपरवाइजर, सुल्तानपुर के किसान प्रदीप कुमार, रमेश, नरेश, ऋषि, नरेंद्र मौके पर मौजूद रहे।