हिसार। नगर निगम की स्वच्छता शाखा को जारी की गई जी-8 की दो रसीदें गायब मिलने के मामले में सोमवार को जांच कमेटी की बैठक हुई। इस दौरान कमेटी ने संबंधित सीएसआई व एएसआई से लिखित में जवाब देने को कहा। कमेटी ने दोनों पक्षों से अगले तीन-चार दिनों में जवाब देने की बात कही है। जवाब मिलने के बाद ही जांच कमेटी की अगली बैठक होगी।
बता दें कि जी-8 5443 में से रसीद नंबर 22 व 49 गायब मिलने पर सीएसआई की तरफ से संबंधित एएसआई से स्पष्टीकरण मांगा गया था। इस मामले में 8 जून को निगम कार्यालय में काफी हंगामा भी हुआ था। शुरू में एएसआई का कहना था कि जिस समय यह जी-8 जमा करवाई गई, उस समय वह अवकाश पर था। बाद में एएसआई ने कहा था कि शाखा के अन्य कर्मचारियों ने उसे फंसाने के लिए ये रसीदें बाद में फाड़ी है। क्योंकि यह जी-8 उसके पास 16 व 17 जनवरी को आई थी। इसमें खाद की रसीदें काटने के बाद उसने यह जी-8 व राशि 18 जनवरी को निगम में जमा करवा दी थी। इसके बाद एएसआई की तराफ से दिए गए जवाब में कहा गया कि ये रसीदें पहले से गायब थीं। यह उसकी नई नौकरी है और जब उसे जी-8 मिली तो उसने जांच नहीं की। मगर सीएसआई ने एएसआई की तरफ से स्पष्टीकरण के दिए गए जवाब को असंतोषजनक बताते हुए कमेटी बनाकर जांच करवाने की मांग की थी।
कमेटी ने दोनों पक्षों के लिए मौखिक बयान
जांच कमेटी ने इस मामले में संबंधित सीएसआई व एएसआई से उनके मौखिक बयान लिए, जिसमें दोनों पक्षों ने पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया। इस दौरान कमेटी ने अकाउंट ब्रांच के अधिकारी को बुलाया और उनसे पूछा कि इन रसीदों के किस प्रकार से निगम को वित्तीय हानि पहुंचाई जा सकती है। इस पर अधिकारी ने जवाब दिया कि इस रसीदों की मदद से एक रुपये से लेकर करोड़ों रुपये का गबन किया जा सकता है।