हिसार। कुत्ते आए दिन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। आदमपुर खंड के गांव सारंगपुर में मंगलवार सुबह गली से गुजर रहे एक व्यक्ति पर पड़ोसी के पालतू बुलडॉग ने हमला कर दिया। कुत्ते ने हाथ, पांव समेत पांच जगह पर उसे काट लिया।
करीब 10 मिनट तक बुलडॉग ने 46 साल के उग्रसेन बिश्नोई को जबड़े में जकड़े रखा। हालांकि उग्रसेन ने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह खुद को छुड़वाया। इस दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग आए तो कुत्ता एक बच्चे के पीछे भागा, इस दौरान बच्चे ने घर में घुसकर अपनी जान बचाई। जख्मी हालत में उग्रसेन बिश्नोई को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने उसे 10 टांके लगाने और प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी।
अस्पताल में उपचाराधीन सांरगपुर निवासी उग्रसेन बिश्नोई ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करता है। मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे घर से खेत जाने के लिए निकला था। सारंगपुर से खैरमपुर मार्ग पर एक ढाणी के आगे से गुजरा तो एक पालतू बुलडॉग ने पीछे से आकर पांव पर काट लिया। वह दर्द से तड़पने लगा। उसने पांव छुड़वाने का प्रयास किया लेकिन कुत्ते ने जबड़े से कस कर जकड़ा हुआ था। इसके बाद कुत्ते ने उसके हाथ पर काट लिया। करीब 10 मिनट तक कुत्ता उसे नोचता रहा। इस दौरान चिल्लाने की आवाज सुनकर किसान ओमप्रकाश मौके पर पहुंचा और उग्रसेन को संभाला। इस दौरान कुत्ते ने उग्रसेन को छाेड़ा और एक बच्चे के पीछे दौड़ा। हालांकि बच्चे ने समय रहते घर में घुसकर दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद घायल को अस्पताल ले गए जहां उसे करीब 10 टांके लगाए गए। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि कुत्ता गर्दन और चेहरे के जितने करीब काटता है, उतना ही रेबीज होने का ज्यादा खतरा रहता है।
पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य
अगर कोई अपने घर में कुत्ता रखना चाहता है तो कुत्ते का नगर निगम से पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। पंजीकरण करवाते समय कुत्ते के मालिक को कुत्ते की वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट देना होता है। पंजीकरण के समय निगम प्रशासन एक टैग देता है जो कुत्ते के मालिक को उसके गले में पहनाना होता है।
नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब 10 केस आ रहे
जिले में कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। नागरिक अस्पताल में हर रोज 10 के करीब कुत्ते द्वारा काटने के केस आते हैं। गर्मी के मौसम में मामले बढ़ जाते हैं। औसतन हर महीने 250 से 300 केस सामने आ रहे हैं। कुत्ते के काटने पर रेबीज का इंजेक्शन लगाया जाता है। इंजेक्शन नागरिक अस्पताल में उपलब्ध है।
कुत्ते के मालिक पर हो सकती है एफआईआर
पालतू और आवारा कुत्तों द्वारा काटने के मामले में प्रदेश सरकार की तरफ आदेश जारी किए थे कि पीड़ित नागरिक अस्पताल में एमएलआर कटवा कर कुत्ते के मालिक के खिलाफ केस दर्ज करवा सकता है। ढंढूर के पास महिला को कुत्ते द्वारा काटने के बाद कुत्ते के मालिक पर एफआईआर दर्ज हुई थी।
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केस-1 : कुत्ते के काटने से 3 साल के बच्चे की हुई थी मौत
गोरछी गांव में 28 मार्च को कुत्ते के काटने से तीन साल के बच्चे की मौत हो गई थी। मूलरूप से उत्तरप्रदेश के बांदा जिले के पंचगुमाई गांव के रहने वाले अमर सिंह ने बताया था कि उसका परिवार गोरछी गांव के एक ईंट-भट्टे पर काम करता है। उनके बेटे को खेलते समय कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद गांव के झोलाझाप चिकित्सक से उसका उपचार करवाया था। ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर उसे नागरिक अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
केस-2 : पिटबुल ने महिला का नोच दिया था पैर
तेजा मार्केट में रहने वाली 60 वर्षीय कौर को 30 जून दोपहर बाद पिटबुल कुत्ते ने काट लिया था। महिला ढंढूर गांव स्थित एक दुकान से आटा लेने जा रही थी। जब गांव के एक गोदाम के नजदीक पहुंची तो अचानक पीछे से एक पालतू पिटबुल ने उसका पांव पकड़ लिया। बुजुर्ग ने अपना पांव छुड़वाने के लिए काफी देर तक प्रयास किया लेकिन पांव नहीं छुड़वा पाई। खून ज्यादा बहने के कारण बुजुर्ग बेहोश हो गई थी। लोगों ने उसे नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया।
केस-3 : छह साल की बच्ची को काटा
25 मार्च 2024 को 6 साल की कामना घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान एक कुत्ते ने कामना के पांव को अपने दांतों से पकड़ लिया और कई जगह से काट खाया। बेटी का शोर सुनकर घर से बाहर आए और जैसे तैसे कर कुत्ते से छुड़वाया और उसे अस्पताल लेकर आए।
केस-4 : 8 साल की परी को कुत्ते ने काटा
शहर की गवर्नमेंट कॉलोनी में रहने वाली 8 साल की परी 8 मार्च 2024 को गली में खेल रही थी। इसी दौरान कुत्ते ने परी का एक पांव अपने जबड़े में जकड़ लिया। बेटी के चिल्लाने की आवाज सुनकर बाहर आए और डंडे की मदद से कुत्ते को भगाया। इसके बाद लहूलुहान हालत में बेटी को नागरिक अस्पताल लेकर आए।