हिसार। किसान को बरगलाकर उसकी जमीन पर अवैध कॉलोनी काट दी गई। पीड़ित किसान ने रविवार को गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में आयोजित मुख्यमंत्री जन संवाद कार्यक्रम में यह मुद्दा रखा। मुख्यमंत्री ने इस मामले में कॉलोनाइजर के खिलाफ केस दर्ज करवाने और अवैध निर्माण तोड़ने के आदेश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कहीं-कहीं ये मिलीभगत चल रही है। डीटीपी में इस तरह की घपलेबाजी चलने नहीं दूंगा। इस मामले में एक्शन लेकर दिखाओ, कागजी कार्रवाई नहीं चाहिए। कार्यक्रम में ज्यादातर शिकायतें अवैध कब्जों से संबंधित रहीं। देर रात सीएम ने निकाय मंत्री व मेयर के साथ शहर के पार्कों का निरीक्षण किया।
शिकायतकर्ता राजेश ने बताया कि कैमरी रोड शिव कॉलोनी 33 फुट रोड के पास उसकी 10 कनाल जमीन है। कुछ लोगों ने 5 कनाल जमीन पर अवैध कॉलोनी काट दी। इस कॉलोनी में करीब 15 घर बन चुके हैं। राजेश ने बताया कि उसके पिता की दो साल पहले मौत हो गई थी। आरोपियों का कहना था कि पिता ने उनसे पैसे लिए थे। उन लोगों से पूछा कि क्या उसके पिता ने कोई शपथ पत्र दिया है, इस पर उन्होंने इंकार कर दिया। मैंने जिस हिस्से में मकान बने हैं, वहां का रास्ता उखड़वा दिया। इस पर कॉलोनाइजर ने मुझे जमीन के एवज में रुपये देने की हामी भरी, मगर अब वह आनाकानी कर रहा है। पुलिस में शिकायत दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। आखिर में उसने मुख्यमंत्री के सामने शिकायत रखी।
जाट कॉलेज रोड पर किए कब्जे हटाने के लिए नोटिस दिए, सिफारिश पर कार्रवाई नहीं
सामाजिक कार्यकर्ता अनिल महला ने अपनी शिकायत में बताया कि शहर के जाट कॉलेज रोड पर कई वर्षों से कब्जे किए हुए हैं। इन्हें हटाने के लिए वर्ष 2018 में नोटिस दिए, मगर किसी की सिफारिश आने पर ये नोटिस वापस ले लिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यक्ति यही बैठा है क्या। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई करवाई जाएगी। महला ने कहा कि नागरिक अस्पताल की जमीन पर भी अवैध कब्जे हो रखे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने सीएमओ से इन कब्जों पर कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा महावीर कॉलोनी में बनाए गए बरसाती पानी के डिस्पोजल में सीवर का पानी डाला जा रहा है। इस पर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियाें ने फोटो दिखाकर कहा कि इसकी सफाई करवा दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर दोबारा से सीवर का पानी डाला जाए तो फोटो खींचकर डीसी को दिखा देना, कार्रवाई हो जाएगी। महला ने निकाय मंत्री के सामने मॉडल टाउन व सुंदर नगर ग्रीन बेल्ट में अवैध निर्माण का मामला भी उठाया। महला की तीन शिकायतें देखने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें ऐसे लोगों की जरूरत है जो समाज से जुड़े मुद्दे उठाए।
तुम्हें समाजसेवा का कीड़ा है, मुझे पर यही था
पाबड़ा निवासी अशोक भुक्कल ने बताया कि शिक्षा विभाग की जमीन पर जेबीटी स्कूल बना हुआ था, जो बंद हो चुका है। स्कूल के भवन के देखरेख की जिम्मेदारी जीएसएसएस के प्रिंसिपल की है। मगर स्कूल प्रिंसिपल ने इस भवन को निजी शिक्षण संस्थान के लिए लीज पर दे दिया, जिसका किराया भी नाममात्र का रखा गया। यह पैसा कभी भी सरकारी खजाने में जमा नहीं हुआ। रोड के दूसरी तरफ इसकी जमीन का एक टुकड़ा है। सरपंच ने इस जमीन से गली निकलवा दी और गली पर कब्जा कर लिया। कुछ जमीन पर एक पार्क बना दिया, जिसमें सब्जियां उगाई जा रही हैं और नाम दे दिया विलेज नॉलेज सेंटर। मुख्यमंत्री ने इस भवन को ग्राम सचिवालय बनाने को कहा। साथ ही मामले की जांच कर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता से पूछा कि आरटीआई कार्यकर्ता हो, तुम्हें समाजसेवा का कीड़ा है, मुझे भी था।
एडिशनल अनाज मंडी के व्यापारियों ने सुनी समस्या
एडिशनल अनाज मंडी के व्यापारियों ने सीएम को बताया कि वर्ष 2003 में खुली बोली में अतिरिक्त मंडी में 20 दुकानें दी गई थी। 20 वर्षों में मार्केटिंग बोर्ड की पॉलिसी के कारण इन दुकानों को कंप्लीशन नहीं मिल पा रही। वर्ष 2021 में सेकंड फ्लोर समेत नया बिल्डिंग पॉलिसी आने के बावजूद मार्केटिंग बोर्ड की तरफ से जुर्माना निर्धारित नहीं किया जा रहा। 2 साल से व्यापारी पत्राचार कर रहे हैं। मार्केट कमेटी ने भी इस संदर्भ में बोर्ड से मार्गदर्शन मांगा है लेकिन मार्केटिंग बोर्ड पंचकूला में फाइल अटकी हुई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने व्यापारियों के दस्तावेज ले लिए और मामले के जल्द निपटाने का आश्वासन दिया।
बालसमंद के कब्जे और रजिस्ट्री की जांच के दिए आदेश
बालसमंद निवासी बलबीर सिंह ने शिकायत पत्र में बताया कि जोहड़ के मुरब्बा नंबर 765 में राजनीति की धौंस दिखाकर एक व्यक्ति ने कब्जा किया हुआ है। उक्त रकबा पर नाजायज तरीके से कब्जा करके रजिस्ट्री भी करवाई हुई है। जोहड़ को कब्जा मुक्त कराने की अपील सीएम से की गई। सीएम ने शिकायतकर्ता की शिकायत सुनकर हिसार एसडीएम को जांच के आदेश दिए है।
एसडीएम को गलती ढूंढने के आदेश
सेक्टर-14 निवासी एवं राजस्व विभाग से रिटायर्ड जगदीश ने बताया कि उसकी पेंशन 1 जनवरी 2016 से रिवाइज होनी थी, मगर आज तक उसे रिवाइज पेंशन का लाभ नहीं मिला है। इस पर सीएम ने एसडीएम को शाम तक गलती करने वाले और गलती किस आधार पर हुई, इसकी जांच करने के आदेश दिए।
कनेक्शन करने वाले से वसूला जाएगा जुर्माना
बरवाला के ज्ञानपुरा गांव निवासी मनीराम ने बताया कि व्यावसायिक कनेक्शन लेने पर बिजली निगम ने सात हजार के सामान के पैसे नहीं दिए। इसके लिए वह तीन चार साल से चक्कर काट रहा है। साथ ही निगम ने उसका मीटर स्लो बताकर व गलत कनेक्शन बताकर उससे जुर्माने के साढ़े 16 हजार रुपये मांगे। इस पर मुख्यमंत्री ने उपभोक्ता को यह सात हजार रुपये की राशि लौटाने व साढ़े 16 हजार की वसूली कनेक्शन करने वाले कर्मचारी से ही करने के आदेश दिए।
मुख्यमंत्री का ममेरा भाई भी शिकायत लेकर पहुंचे
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मामा के लड़के बिशबंर गुलाटी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि नवदीप कॉलोनी में सीवर ओवरफ्लो रहते हैं और पेयजल की भी किल्लत है। इस पर मुख्यमंत्री ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियाें से बातचीत की तो उन्होंने सुपर सकर मशीन की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों से जैम पोर्टल के माध्यम से मशीन खरीदने को लेकर डिमांड भेजने को कहा।
कार्यक्रम में आखिर में मची अफरा-तफरी
दोपहर करीब 2 बजकर 20 मिनट पर सीएम कुर्सी से उठ गए। यह देखकर शिकायतकर्ताओं में अफरा-तफरी मच गई कि कहीं सीएम बिना समस्या सुने ही चले न जाएं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सभी समस्याएं सुनकर ही जाएंगे। बस शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की कॉपी व अधिकारी अपनी रिपोर्ट की कॉपी मुझे दे दें। मैं चंडीगढ़ जाकर इन शिकायतों का समाधान करवा दूंगा। इस दौरान काफी शिकायतकर्ताओं ने मौके पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। कुछ शिकायतकर्ता तो रोने भी लगे। सीएम ने कहा कि वह एक बार फिर से हिसार आएंगे।