हिसार। शहर के न्यू मॉडल टाउन एरिया में सोमवार को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की जमीन पर बने अवैध पशु बाड़ों को तोड़ने की कार्रवाई की गई। एचएसवीपी के अधिकारियों ने इन पशु बाड़ों को हटाने के लिए पशुपालकों को दो दिन का अल्टीमेटम दिया था। बावजूद इसके पशुपालकों ने बाड़े नहीं हटाए तो सोमवार को इन बाड़ों को तोड़ा गया। पार्षदों व पुलिस कर्मचारियों की मौजूदगी में करीब एक घंटे तक यह अभियान चला। उधर, नगर निगम की टीम ने शहर से 56 बेसहारा पशु पकड़े।
बता दें कि 9 सितंबर को संपदा अधिकारी राजेश खौथ ने मौके का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने विभाग की जमीन पर अवैध रूप से बने पशु बाड़ों को 24 घंटे के अंदर हटाने को कहा था। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात कही थी।
दो पशु बाड़ों को तोड़ा, एक को दिया 24 घंटे का समय तो एक ने खुद ही हटाया
सोमवार दोपहर करीब सवा एक बजे एचएसवीपी के जेई चंद्रमोहन, पार्षद अमित ग्रोवर व जगमोहन मित्तल और डायल 112 की टीम न्यू मॉडल में एचएसवीपी की खाली पड़ी जगह पर पहुंचे। इस दौरान एक बाड़े को पशुपालक खुद ही हटाते मिले। शेड बनाकर व तारबंदी कर यह पशु बाड़ा बनाया हुआ था। यहां से दूसरे पशु बाड़े में गए तो वहां दो गाय व एक बछड़ी बंधी थी। बछड़ी काफी अस्वस्थ थी। पशु बाड़े के साथ लगते मकान से एक महिला बाहर आई और बोली कि यह पशु बाड़ा उसका है। महिला ने अधिकारियों से पशु बाड़े को हटाने के लिए एक दिन का समय मांगा। इसके बाद अधिकारियों ने वहां बने दो पशु बाड़ों को जेसीबी की मदद से हटाया। वहीं तारबंदी को तोड़ जमीन को साफ करा दिया।
बिना नंबर प्लेट की बाइक खड़ी मिलीं
इस दौरान पशु बाड़ों के आसपास काफी संख्या में पशुपालकों की बाइक खड़ी मिलीं। ज्यादातर बाइक पर नंबर प्लेट तक नहीं थीं। जिन बाइकों पर नंबर प्लेट थीं तो उन नंबर प्लेट पर गोबर लगाया हुआ था, ताकि बाइक के मालिक की पहचान न हो सके।
झाड़ियों के बीच में बने थे पशु बाड़े
ये पशु बाड़े बड़ी-बड़ी झाड़ियों के बीच में बने हुए थे, जिस कारण से दूर से ये पशु बाड़े नजर ही नहीं आते। इन पशु बाड़ों में तूड़ी रखने के लिए पक्के कमरे तक बने थे।
करीब 100 करोड़ की जमीन छोड़ी लावारिस
एसएचवीपी ने जिस जमीन को खाली कराया है वह करीब 7 एकड़ है, जो बिना प्लानिंग की है। प्रॉपर्टी व्यवसाय से जुड़े लोगों की मानें तो इस जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये है। मगर विभाग ने इस जमीन को लावारिस छोड़ा हुआ है। मौके पर पहुंचे अधिकारियों को इस जमीन की जानकारी तक नहीं थी। पार्षदों की मानें तो अगर विभाग इस जमीन की पैमाइश करवाए तो यहां और अवैध निर्माण मिलेंगे।
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