फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुरैना कृषि मेले में आकर्षण का केंद्र बना आईसीएआर हिसार का गोलू टू

विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान हिसार की देखरेख में विकसित मुर्रा नस्ल का एक भैंसा 10 करोड़ रुपये कीमत का है। संस्थान ने इसे गोलू टू नाम दिया है, जिसे शनिवार को मध्य प्रदेश के मुरैना में लगे पशु मेले में प्रदर्शित किया गया। इस भैंसे की खूबियों के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आईसीएआर के विशेषज्ञों की सराहना की है।
विज्ञापन

केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान हिसार भैंसों की प्रजाति को उन्नतशील बनाने के लिए कार्य करता है। संस्थान के निदेशक डॉ. टीके दत्ता ने बताया कि भैंसों की नस्ल सुधारने एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी प्रयास के क्रम में संस्थान में विकसित मुर्रा नस्ल की भैंस रानी का झोटा गोलू टू अब पशुपालकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। डॉ. दत्ता ने बताया कि गोलू टू की मां रानी प्रतिदिन 26.8 किलो दूध देती थी, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। भैंसे गोलू टू को मध्य प्रदेश के मुरैना कृषि मेला एवं प्रदर्शनी में ले जाया गया है। शुक्रवार से शुरू हुआ यह मेला रविवार को संपन्न होगा। इस भैंसे का वजन करीब 1500 किलो है। भैंसे की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
आईसीएआर के निदेशक डॉ. टीके दत्ता ने मेले में आए पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन एवं पशु प्रबंधन विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि देश में कुल दुग्ध उत्पादन में करीब 50 फीसदी हिस्सा अकेले भैंस के दूध का है। मुर्रा नस्ल की भैंस सबसे अधिक दूध देती है। भैंस के पालन पर अन्य दुधारू पशुओं की अपेक्षा सबसे कम खर्च आता है। पिछले दिनों देश भर में गोवंश में फैली बीमारी एलएसडी का भैंसों पर बहुत ही कम प्रभाव पड़ा। इस मेले में केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान के स्टाल का निरीक्षण केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया और संस्थान के कार्यों की सराहना की। इस दौरान केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सज्जन सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार और मुख्य तकनीकि अधिकारी डॉ. एमएल शर्मा भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें