हिसार। आपने थाने में क्या शिकायत दी...क्या आप पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट हैं... यह सवाल शनिवार को हरियाणा महिला आयोग की वाइस चेयरमैन सोनिया अग्रवाल ने पीड़िताओं से पूछे। महिला थाने का औचक निरीक्षण करने पहुंची वाइस चेयरमैन ने पहले एसएचओ कार्यालय में महिला थाने की विभिन्न शाखाओं की जांच अधिकारियों से संबंधित मामलों का फीडबैक लिया।
उन्होंने शिकायत पुस्तिका की जांच की और दो-तीन पीड़िताओं से फोन पर संपर्क कर उनकी शिकायतें सुनी। साथ ही महिला पुलिस कर्मियों की तरफ उन्हें किस तरह का फीडबैक मिल रहा है, उसके बारे में जाना। दुर्गा शक्ति में शामिल पुलिसकर्मियों से पूछा कि एक दिन में स्कूल-कॉलेज के बाहर कितने चक्कर लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा कॉलेज-स्कूल, बस स्टैंड-रेलवे स्टेशन सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सुबह 7 से 8 बजे और दोपहर 1 से 2 बजे के बीच चक्कर लगाए जाएं।
उन्होंने आदेश दिए कि चाहे निजी हो या फिर रोडवेज बसें उनके अंदर जाकर जरूर चेकिंग करें ताकि बस के अंदर मौजूद असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखी जा सकें। उनके साथ जिला बाल संरक्षण अधिकारी बबीता चौधरी, एएसपी डॉ. राजेश कुमार मोहन व महिला थाना प्रभारी सीमा भी मौजूद रहीं।
घरेलू हिंसा का मामला सुलझाया, अन्य पीड़िताओं को थाने बुलवाया
सोनिया अग्रवाल ने निरीक्षण के दौरान घरेलू हिंसा का एक मामला सुलझाया। साथ ही शादी का झांसा देकर शोषण करने के एक मामले पर महिला पीड़िता को फोन कर थाने बुला लिया। इसके बाद महिला थाना व महिला आयोग की तरफ से संयुक्त रूप से दोषी को पकड़ने का आश्वासन दिया।
महिला झूठी शिकायत देगी तो उस पर भी करेंगे कार्रवाई
महिला आयोग की वाइस चेयरपर्सन ने कहा कि महिलाएं कानून का दुरुपयोग कर झूठी शिकायतें पुलिस को देती हैं तो उन पर भी कार्रवाई संभव है। ऐसी महिलाओं पर धारा 182 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। सोनिया अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि निरीक्षण में सबसे खराब स्थिति बहादुरगढ़ पुलिस थाने की मिली, जहां एसएचओ छुट्टी पर थे, जबकि पूरे थाने में केवल दो ही पुलिसकर्मी ड्यूटी पर मिले।
6 महीने में 655 शिकायतें आईं
सोनिया अग्रवाल ने वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी बबीता चौधरी ने बताया कि जनवरी से 655 शिकायतें आईं हैं। जिनमें घरेलु हिंसा से संबंधित 412 शिकायतें, बाल विवाह से संबंधित 3, गुमशुदगी की 105, साइबर क्राइम की 3 शिकायत व अन्य 132 शिकायतें शामिल हैं।
वन स्टाॅप सेंटर में स्टाफ की कमी
वन स्टॉप सेंटर में कार्यरत सदस्यों ने स्टाफ और फर्नीचर कम होने की बात रखी। इस पर आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि पूरे प्रदेश में ही स्टाफ की कमी चल रही है। आप अपनी रिपोर्ट भेजें। सुविधाएं उपलब्ध करवाने, स्टाफ की कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।