राष्ट्रीय पपेट एंड थिएटर फेस्टिवल
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सेंट जोसफ रंग आंगन राष्ट्रीय पपेट एंड थिएटर फेस्टिवल के आखिरी दिन शुक्रवार को बाल भवन में मानवीय संबंधों से ऊपर उठती मानवीय इच्छाओं का सजीव चित्रण करते नाटक पतलून का मंचन किया गया। अभिनय रंग मंच की इस प्रस्तुति का लेखन और निर्देशन हिसार के प्रसिद्ध कलाकार मनीष जोशी बिस्मिल ने किया है।
इस नाटक में दिखाया गया है कि गैर जरूरी इच्छाओं के लिए किस तरह से मानवीय संबंधों को भुला दिया जाता है और कई बार इच्छाएं किस तरह से उस समय पूरी होती हैं जब उनकी जरूरत नहीं हो। ये नाटक रंगमंच का नया आयाम प्रदान करता है। नाटक के दो शो पेश किये गये और मुख्य अतिथि के रूप में अमिता घई उपस्थित रहीं।
उन्होंने अभिनय रंग मंच की तरफ से प्रीतपाल सिंह पान्नू को बेस्ट परफॉर्मिंग आर्ट्स प्रमोटर का सम्मान प्रदान किया गया। नाटक में सुंदर संगीत के साथ ही प्रकाश व्यवस्था नए रूप में दिखी। नाटक में अल्ट्रा वायलेट लाइटों ने कई दृश्यों को बहुत भव्य बना दिया। राम नारायण ने भगवान के पात्र के साथ पूरा न्याय किया वहीं पतलून के पात्र में नामी कथक नृत्यांगना राखी जोशी का अभिनय शानदार रहा।
एकाग्र खट्टर ने जादूगर के रूप में अच्छा अभिनय किया। वहीं मनीष जोशी ने सूत्रधार की भूमिका निभायी। भुवनेश लूथरा, शुभम शास्त्री, दक्ष मल्होत्रा, विकास कौशिक, रवि प्रकाश, सुमित धनखड़, शर्मानंद, केशव शर्मा, तरुण, चिराग गिरधर ने भी अपने-अपने पात्रों के साथ पूरा न्याय किया। प्रकाश व्यवस्था और ध्वनि संयोजन चिराग कालड़ा का रहा। एमडी जानी का म्यूजिक में सहयोग रहा। मंच संचालन एंकर विशाल जिंदल ने किया। अन्य सहयोगियों में गौरव पारिक, रतन पारिक व निखिल अरोड़ा शामिल रहे।