सेंट्रल जेल में सोमवार को सतलोक आश्रम प्रकरण के देशद्रोह के मुकदमे में सुनवाई हुई। इसके अलावा तीन अन्य मुकदमों में भी सुनवाई हुई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसके शर्मा ने सोमवार को सतलोक आश्रम प्रकरण के देशद्रोह के मुकदमे में सेंट्रल जेल में सुनवाई की। कुल 938 आरोपियों में से आश्रम प्रमुख रामपाल समेत 149 आरोपी जेल के अंदर हैं। इसके अलावा 6 गैरहाजिर और बाकी जमानत पर हैं। रामपाल राजगढ़ रोड की जेल में बंद है। उसकी वहीं से वीसी के जरिये पेशी हुई।
जेल में कंबल और गर्म पानी न मिलने की अर्जी पर भी सुनवाई हुई। इस मामले में अब 2 अप्रैल को सुनवाई होगी। इसके अलावा सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने और बंधक बनाकर रास्ता रोकने के मामले में न्यायिक दंडाधिकारी मुकेश कुमार की अदालत ने दूसरी जेल में सुनवाई की।
एक मुकदमे में तीन पुलिस कर्मियों की गवाही हुई। इसके अलावा सिलेंडरों की कालाबाजारी के मुकदमे में न्यायिक दंडाधिकारी सोहन लाल मलिक की अदालत में सुनवाई हुई। निचली अदालत के तीनों मुकदमों में 18 मार्च वीसी की और 2 अप्रैल गवाही की तारीख तय की गई।
उमड़े समर्थक, जनता परेशान
पुलिस रामपाल का नेेटवर्क नहीं तोड़ पाई है। कौन समर्थकों के पास तारीख की सूचना भेज रहा है, यह रहस्य है। दिनोंदिन तारीख के दिन आने वाले रामपाल के समर्थकों की संख्या बढ़ती जा रही है। सोमवार को भी भारी संख्या में समर्थक उमड़े। मगर रामपाल को मेन जेल में नहीं लाया गया। जेल के बाहर मेन रोड पर समर्थकों की आवाजाही के कारण अव्यवस्था का आलम रहा। इस कारण शहरवासियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा। पार्कों में जमावड़ा रहने से लोग ना तो घूम सके और ना ही कसरत कर पाये।
रेहड़ी, ऑटो वालों की रही चांदी
हालांकि पुलिस ने यातायात सुचारु रखने के लिए पुख्ता प्रबंध कर रखे थे। समर्थक बैंक कॉलोनी और मेन रोड के आसपास इकट्ठे हो रहे थे। पुलिस कर्मियों ने उन्हें वहां से हटाया और टाउन पार्क में भेज दिया। वहां काफी संख्या में समर्थक मौजूद थे। उनके आनेजाने के चलते ऑटो रिक्शा चालकों और टाउन पार्क के सामने के रेहड़ी चालकों की चांदी बनी रही। दोपहर के बाद समर्थकों की भीड़ छंटने लगी और शाम होते-होते समर्थक वहां से जा चुके थे।