हरियाणा क्षेत्र में अचानक से दिन व रात के तापमान में हुई बढ़ोतरी का फसलों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो सिर्फ गेहूं की फसल के लिहाज से तापमान थोड़ा सा ज्यादा है। हालांकि अन्य फसलों पर अभी तापमान बढ़ोतरी का कोई असर नहीं है।
एचएयू के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि दो दिन पहले तक तापमान ठीक था। मगर अचानक से ही तापमान में बढ़ोतरी हुई है। गेहूं की फसल के लिए रात का तापमान 6 से 7 डिग्री व दिन का तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए।
अगर तापमान में बढ़ोतरी होती है तो गेहूं की फसल में फुटाव कम रहेगा। बालियां जल्द निकल आएगी। जौ की फसल में भी यही स्थिति रहेगी। चने व सरसों की फसल के लिए अभी यह तापमान अनुकूल है। किसानों के लिए सलाह है कि वह समय पर पानी लगाएं। खरपतरवार नियंत्रण के लिए दवा और जरूरत अनुसार खाद का छिड़काव करें।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि दिसंबर के महीने का दूसरा सप्ताह चल रहा है, लेकिन ठंड अपने तीखे तेवर नहीं दिखा रही है। वर्तमान समय केवल कमजोर श्रेणी के पश्चिमी विक्षोभ तो सक्रिय हो रहें हैं। इस कारण से सम्पूर्ण मैदानी राज्यों में विशेषकर हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में लगातार मौसम शुष्क और साफ बना हुआ है।
20 दिसंबर तक इसी तरह की मौसम देखने को मिलेगा। उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बर्फबारी हो रही है और जब मौसम प्रणाली आगे निकल जाती है तो उत्तरी पश्चिमी शुष्क हवाओं से सुबह शाम ठंड अपना असर दिखा रही है। अगर आगे इसी प्रकार की गतिविधियां रहती हैं तो इस साल शीत ऋतु के सामान्य रहने की संभावना है।
दिन का तापमान सामान्य से ऊपर पहुंचा
तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही दिन का तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच गया है। हिसार का तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.0 डिग्री ज्यादा रहा। इसके अलावा अंबाला में अधिकतम तापमान 28.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.7 डिग्री ऊपर व प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी दिन अंबाला का अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पिछले वर्ष इसी दिन हिसार में न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस था।