हिसार। बेटियां अब सिर्फ सपने नहीं देख रहीं बल्कि उन्हें हकीकत में बदलकर नया इतिहास रच रही हैं। इसका जीवंत उदाहरण बनी हैं कंवारी गांव की रितुल जिन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के पहले महिला बैच में पास-आउट होकर फ्लाइंग ऑफिसर बनने का गौरव हासिल किया है। रितुल न केवल अपने गांव बल्कि पूरे हिसार जिले की इकलौती बेटी हैं जिन्होंने सैन्य सेवा के इस सर्वोच्च मुकाम को छुआ है। रितुल का यह सफर आसान नहीं था। कोरोना महामारी के कठिन दौर में जब पूरा देश घरों में सिमटा था तब उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और ऑनलाइन अपनी पढ़ाई व तैयारी जारी रखी। विपरीत परिस्थितियों में उनके अटूट हौसले और कड़ी मेहनत ने उन्हें मंजिल तक पहुंचा दिया। रितुल के पिता अजीत पेशे से कांट्रेक्टर हैं। उनके परिवार ने शुरू से ही अपनी लाडो के सपनों को पंख दिए और हर मोड़ पर उसका हौसला बढ़ाया।