बास। एक तरफ सरकार गर्भवती महिलाओं को सुविधाएं देने की बात करती है। वहीं दूसरी तरफ बास की पीएचसी में पिछले करीब चार महीनों से स्टाफ नर्स समेत कई अन्य पद खाली पड़े हैं। स्टाफ नर्स नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के लिए हांसी व हिसार के निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार गर्भवती महिलाओं के लिए नजदीक व जल्द से जल्द सुविधा देने के इंतजाम करने में फेल रही।
पिछले काफी समय से फार्मासिस्ट व लैब टेक्नीशियन के पद रिक्त हैं। ग्रामीण कई बार नारनौंद के विधायक रामकुमार गौतम, पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु व सांसद बृजेंद्र सिंह को स्टाफ पूरा करने के लिए गुहार लगा चुके हैं। बास पीएचसी के अंतर्गत 20 से भी अधिक गांव आते हैं। यहां पर सुविधाएं न मिलने के चलते लोगों को निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं पीएचसी में दवाइयों की कमी के कारण भी मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पीएचसी में स्टाफ की नियुक्ति
बास पीएचसी में डॉक्टरों की दो पद स्वीकृत हैं, जिसमें से एक पद पर बास पीएचसी के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर राकेश नियुक्त हैं। वहीं एक हेल्थ इंस्पेक्टर, एक वार्ड सर्वेंट, एक कंप्यूटर इनफार्मेशन असिस्टेंट, सब सेंटर पर एक रेगुलर एएनएम और एक एमपीएचडब्ल्यू भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
ये पद हैं रिक्त
पीएचसी में एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक लैब टेक्नीशियन, पांच स्टाफ नर्स, एक एएनएम एनएचएम के तहत, एक एमपीएचएस फीमेल, एक वार्ड सर्वेंट और एक स्वीपर का पद खाली है।
करीब 4 महीने पहले यहां से स्टाफ नर्स का तबादला हो गया था। इसके बाद से यह पद खाली है। इस कारण गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी करवाने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने सीएचसी खांडा खेड़ी के एसएमओ व उच्च अधिकारियों को स्टाफ पूरा करने के लिए पत्र लिखा हुआ है।
- डॉ. राकेश, मेडिकल ऑफिसर पीएचसी बास