फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग मंगलवार से 100 दिन एनीमिया मुक्त अभियान की शुरुआत करने जा रहा है। पहली बार बड़े स्तर पर ये अभियान शुरू हो रहा है। इस अभियान में 6 श्रेणी के 3.24 लाख लोगों को शामिल किया जा रहा है। विभाग इन 100 दिनों में 2615 कैंप लगाकर खून की जांच करेगा। अगर जांच के दौरान खून कम मिलता है तो उसका उपचार शुरू किया जाएगा। जिस मरीज का उपचार शुरू होगा उसका फॉलोअप भी लेना जरूरी होगा।
स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों की माने तो एनीमिया मुक्त अभियान में 6 से 59 माह के बच्चों, 5 से 9 साल के बच्चों, 10 से 19 साल की लड़कियों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान करवाने वाली महिलाओं और प्रजनन उम्र की महिलाओं की खून की जांच की जाएगी। इनमें खून की कमी मिलने की ज्यादा आशंका रहती है। ये ही नहीं रिपोर्ट के मुताबिक जिले में करीब 54 फीसदी लोगों में खून की कमी है।
अभियान में शामिल होंगे तीन सदस्य
स्वास्थ्य विभाग ने एनीमिया मुक्त अभियान को 2615 कैंप लगाने का लक्ष्य लिया है। कैंप को लेकर टीमों का गठन किया गया है। जिसमें तीन सदस्य शामिल होंगे। टीम में एक एएनएम, सीएचओ और एमपीएचडब्ल्यू मेल शामिल रहेगा। इसके अलावा आशा वर्कर की भी जिम्मेदारी लगाई गई है।
इतने कैंप लगाने का मिला लक्ष्य :
क्षेत्र कैंप लगाने का मिला लक्ष्य
बड़ोपल 188
भट्टूकलां 450
भूना 474
भूथनकलां एवं रतिया 572
जाखल 425
आरबीएसके टीम 250
शहरी क्षेत्र 256
इनमें होगी खून की जांच :
एनीमिया मुक्त अभियान में शामिल लोग लक्ष्य
6 से 59 माह के बच्चे 73204
5 से 9 साल के बच्चे 88277
10 से 19 साल की किशोर लड़कियां 66635
गर्भवती महिलाएं 16032
प्रजनन उम्र में महिलाएं 76500
स्तनपान करवाने वाली महिलाएं 7892
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 100 दिन एनीमिया मुक्त अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान को लेकर टीमें गठित की गई हैं जो कि फील्ड में जाकर कैंप लगाएंगी और संबंधित श्रेणी के लोगों में खून की जांच करेंगी। जिस मरीज में खून की कमी मिलेगी उसका उपचार शुरू किया जाएगा।
- डॉ.भरत सहारण, उप सिविल सर्जन