बास (हिसार)। गढ़ी और बड़सी के बीच कार में जिंदा जले व्यक्ति की पहचान और मामले की जांच में तेजी लाने के लिए मास्टर सुंदरलाल के परिजन बुधवार को एसपी मकसूद अहमद से मिले। एसपी ने इस मामले में डीएसपी नारनौंद रविंद्र सांगवान की अगुवाई में पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की है। टीम में बास थाना प्रभारी मनदीप सिंह, सीआईए वन के इंचार्ज यासीन खान, सोरखी पुलिस चौकी के इंचार्ज सुरेश कुमार व साइबर सेल के इंचार्ज नरेंद्र पाल को शामिल किया गया है। वहीं, पुलिस को डीएनए जांच रिपोर्ट का इंतजार है। इससे अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कार में जिंदा जलने वाला शख्स सुंदरलाल था या कोई और।
गौरतलब है कि आठ सितंबर को शाम करीब 4 बजे गढ़ी-बड़सी रोड पर क्रेटा कार में आग लगी मिली। पुलिस और दमकल कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो कार पूरी तरह से जल चुकी थी। पुलिस को जली कार में एक व्यक्ति का कंकाल मिला। कार दुर्जनपुर की प्राथमिक पाठशाला के हेडमास्टर एवं पंचायत समिति हांसी प्रथम की चेयरपर्सन कृष्णा के पति मास्टर सुंदरलाल की थी। प्रारंभिक तौर पर माना गया कि कार में जला व्यक्ति सुंदरलाल ही था। पुलिस ने पुष्टि के लिए सुंदर लाल की हड्डियों व उनकी मां व बेटे के डीएनए सैंपल लिए। हालांकि अभी रिपोर्ट नहीं आई है।
मामले में बुधवार को सुंदर लाल के भाई, सरपंच प्रतिनिधि और गढ़ी के कई लोग एसपी मकसूद अहमद से मिले। लोगों ने आशंका जताई कि कार में आग लगने की घटना संयोग नहीं है। पुलिस द्वारा गहन छानबीन की जाए तो कुछ और परतें खुल सकती हैं। उन्होंने कहा कि घटना के समय मौके पर एक और गाड़ी थी। यह गाड़ी आगे न जाकर सुंदर लाल की कार के पास से लौटी थी। उन्होंने कहा कि सुंदरलाल के पास जिस कंपनी की कार थी, उसके तकनीकी विशेषज्ञों ने मौके पर आकर जांच की थी। जांच में उन्होंने बताया कि कार में आग लगने के कोई कारण नहीं हैं।