हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन (पीडब्ल्यूए) की विशेष बैठक शनिवार को डिफेंस कॉलोनी स्थित सीनियर सिटीजन क्लब में आयोजित हुई। बैठक में सरकार द्वारा वर्ष 2022-23 से सहायता अनुदान बंद कर ऋण प्रणाली लागू करने पर गहरा रोष और चिंता व्यक्त की गई। बैठक के बाद एसोसिएशन के अध्यक्ष एस दुदेजा और सचिव आरके खटकर ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि पिछले चार वर्षों में विश्वविद्यालय पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ा है। उनके अनुसार वर्ष 2022-23 में 428.85 करोड़ रुपये से शुरू हुआ कर्ज चालू वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर लगभग 750 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि एचएयू के अलावा लुवास, एमपीएचयू और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों पर भी प्रति संस्थान करीब 1,000 करोड़ रुपये तक का कर्ज चढ़ चुका है, जो उच्च शिक्षा संस्थानों की वित्तीय स्थिति को लेकर गंभीर चिंता का विषय है।