महेंद्रगढ़ में सरसाें की फसल पर जमी बर्फ।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरियाणा के हिसार जिले में लगातार तीसरे दिन माइनस में रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के कई जिलों में पाला जमा। पाला जमने से सरसों, चना व सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार 18 जनवरी को भी कड़ाके की सर्दी रहेगी। 19 जनवरी को पश्विम विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव आएगा। तापमान ने 13 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है।
पहाड़ी राज्यों की ओर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण कड़ाके की सर्दी का सितम तीसरे दिन भी जारी रहा। हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में हिमालय की बर्फीली हवाएं धरातलीय सतह से करीब डेढ़ किमी ऊंचाई पर चल रही है। प्रदेश के 22 जिलों में रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है।
तापमान से 1 डिग्री सेल्सियस से 8 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में गिरावट दर्ज हो रही है। हिसार जिले का बालसमंद सबसे ठंडा रहा। यहां जनवरी के माह में 13 साल बाद न्यूनतम तापमान सबसे कम रिकॉर्ड हुआ है। यहां न्यूनतम तापमान -1.3 दर्ज किया गया है।
न्यूनतम तापमान
- महेंद्रगढ़ -0.8
- गुरुग्राम 0.1
- सिरसा 0.2
- हिसार एचएयू 0.2
- फतेहाबाद 0.9
- सोनीपत 1.0
- झज्जर 1.2
- अंबाला 1.4
- नारनौल 1.5
- रोहतक 1.8
- जींद 2.3
- करनाल 2.3
- यमुनानगर 2.4
- मानेसर 2.4
- भिवानी 2.6
- नूंह 3.8
- करनाल 4.3
- कुरुक्षेत्र 5.4
18 जनवरी तक मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। संपूर्ण इलाके पर आने वाले 24-48 घंटों के दौरान शीतलहर और हाड़ कंपा देने वाली आफत भरी ठंड का ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 19 और 22 जनवरी के दौरान दो बैक टू बैक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के प्रभाव से हरियाणा एनसीआर दिल्ली के मौसम में बदलाव और बादलवाही होने व न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
शीत लहर व पाला गिरने का सिलसिला दो दिन ओर जारी रहेगा, महेंद्रगढ़ का पारा -0.8 डिग्री व नारनौल का 1.5 डिग्री रहा
महंद्रगढ़ जिले में शीत लहर व पाला गिरने का सिलसिला तीसरे दिन भी जारी रहा। भारतीय मौसम विभाग ने दो दिन शीतलहर का आरेंज अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को महेंद्रगढ़ का न्यूनतम तापमान -0.8 डिग्री सेल्सियस व नारनौल का न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पाला गिरने से किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है।
फसलों को नुकसान
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार पाला सरसों की फसल के लिए हानिकारक है। पाला गिरने से सरसों की फली के अंदर का दाना खत्म हो जाता है। जिससे फसल का उत्पादन कम होता है। हालांकि मौसम साफ रहने से दिनभर धूप खिलने से ठंड से लोगों को जरूर राहत मिल रही है।
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में संपूर्ण मैदानी राज्यों पर मौसम का कहर और प्रचंड रूप से शीत लहर चल रही है। मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में हिमालय की उत्तरी पश्चिमी ठंडी बर्फिली हवाएं धरातलीय सतह से करीब डेढ़ किमी ऊंचाई पर चल रही है। जिसके नतीजन हरियाणा में 22 जिलों में रात्रि तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है साथ ही साथ कुछ स्थानों पर रात्रि पारा लुढ़क कर माइनस और हिमांक बिंदु पर पहुंच गया है।
भारतीय मौसम विभाग ने दो दिन शीतलहर का आरेंज अलर्ट जारी किया हुआ है। विभाग के अनुसार हरियाणा एनसीआर दिल्ली में 18 जनवरी तक मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। संपूर्ण इलाके पर आने वाली 24 से 48 घंटों के दौरान शीतलहर और हाड़ कंपा देने वाली आफत भरी ठंड का आरेंज अलर्ट जारी किया गया है।