नारनौल में मंडी में खुले आसमान के नीचे रखे सरसों के हजारों बैग भीगे
सरकार के आदेश के बाद गत 11 व 12 मई को हैफेड की तरफ से आढ़तियों द्वारा एक लाख क्विंटल से अधिक सरसों की खरीद की गई। मगर खरीद की गई सरसों का अभी तक उठान नहीं किया गया है। इस कारण सरसों अभी तक खुले आसमान के नीचे रखी हुई है, जिसके चलते सोमवार को हुई बारिश में नारनौल अनाज मंडी में रखी हजारों क्विंटल सरसों भीग गई है जबकि मौसम विभाग ने आगामी 18 मई तक अंधड़ के साथ बारिश की संभावना जताई है।
हालांकि बारिश के बाद विभाग ने उठान प्रक्रिया शुरु कर दी है लेकिन उठान प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है जबकि हजारों क्विंटल के करीब सरसों खुले आसमान के नीचे रखी हुई है। बता दें कि सरकार के आदेशानुसार गत 11 व 12 मई को सरकारी आदेश के बाद दो दिन के सरसों की खरीद दोबारा से शुरु की गई थी, जिसमें हैफेड के लिए आढ़तियों द्वारा सरसों की खरीद की गई।
दो दिन के दौरान जिले जिले में करीब एक लाख क्विंटल से अधिक सरसों की खरीद की गई। अकेले नारनौल अनाज मंडी में 30-40 हजार क्विंटल सरसों की खरीद की गई। मगर खरीद के बाद संबंधित एजेंसी सरसों का उठान करवाना भूल गया है, जिस कारण हजारों क्विंटल के करीब सरसों मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी हुई है।
जिले की सभी मंडियों में इस बार 51284 मीट्रिक टन सरसों की आवक अब तक हुई है, जिसमें से 50889 मीट्रिक टन सरसों की खरीद हो चुकी है। इसमें से अब तक 28486 मीट्रिक टन सरसों का उठान हो सका है। मंडियों में अब भी 22798 मीट्रिक टन सरसों पड़ी हुई है।
पिछले तीन दिन लगातार बदल रहा मौसम
जिले में पिछले तीन दिन से लगातार मौसम में बदल रहा है। जिसके तहत सायं के समय तेज अंधड़ के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही है। सोमवार को तेज बारिश देखने को मिली। जिसके चलते नारनौल मंडी में खुले में रखी हजारों क्विंटल के करीब सरसों भीग गई जबकि मौसम विभाग ने भी 18 मई तक मौसम परिवर्तन की संभावना जताई है। ऐसे में अगर मंडी में खुले में पड़ी सरसों का जल्द उठान किया गया तो सरसों के खराब होने की संभावना है। वहीं दोबारा बारिश होने में भीगने का भी डर बना हुआ है, क्योंकि बारिश से बचाने के लिए एजेंसियों द्वारा कोई इंतजाम नहीं किए गए है। हालांकि मंडी में दो टिनशेड बने हुए है, लेकिन दोनों टिनशेड भी सरसों के बैगों से भरे हुए है।
दूसरे दिन भी गुल रही शहर के विभिन्न मोहल्लों की बिजली
सोमवार सायं को अंधड़ के साथ तेज बारिश के बाद शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली कई घंटों तक गुल रही। बिजली व्यवस्था को सुचारु करने के लिए कर्मचारी सुबह तक लगे रहे। हालांकि शहरी क्षेत्रों में अधिकतर स्थानों की बिजली आपूर्ति मंगलवार सुबह 10 बजे 16 घंटे बाद बहाल हो सकी। मगर ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहर तक भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी, जिसके चलते लोगों के घरों में लगे इनवर्टर भी फेल हो गए। इस कारण लोगाें को भीषण गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ा। पिछले तीन दिन लगातार मौसम में बदलाव देखा जा रहा है, जिससे तेज अंधड़ के साथ बारिश की गतिविधियां देखने का मिल रही है।
मंडी में सरसों उठान का कार्य लगातार जारी है, लेकिन गत दो दिन में 26 हजार मीट्रिक टन सरसों की खरीद गई है। जबकि इससे पूर्व पूरे माह में 30 हजार मीट्रिक सरसों की खरीद की गई। ऐसे में उठान में कुछ समय लग रहा है। वहीं मौसम भी लगातार खराब हो रहा है। जिससे उठान प्रक्रिया बाधित हो रही है। मगर फिर से हम उठान जल्द से जल्द करने का प्रयास कर रहे हैं। -नीरज त्यागी, जिला महाप्रबंधक हैफेड नारनौल।