हिसार में किसानों के अरमानों पर शनिवार को तीसरी बार ओले गिरे हैं। जिले के 60 से अधिक गांवों में ओले गिरने की शिकायत प्रशासन के पास पहुंची है। आदमपुर, बालसमंद, उकलाना, बरवाला, नलवा क्षेत्र में सरसों, गेहूं, जौ, चना आदि फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
बीमा क्लेम का कोई ऑप्शन नहीं..
इस साल हिसार जिले में किसानों का फसल बीमा नहीं हुआ है। ऐसे में किसानों की फसलों को हुए नुकसान पर किसी तरह का बीमा क्लेम मिलने की संभावना नहीं है। नुकसान के मुआवजे के लिए अब सरकार पर ही किसानों को निर्भर रहना होगा। सरकार की ओर से मुआवजा देने के समय 25 प्रतिशत तक के नुकसान पर कोई मुआवजा नहीं दिया जाता। 26 प्रतिशत से अधिक नुकसान वालों को ही मुआवजा मिलने की उम्मीद रहेगी।
इन गांवों में ओले गिरने से सबसे अधिक नुकसान
घुड़साल, जगान, नंगथला, किरमारा, श्यामसुख, चौधरीवाली, ढाणी गारण, सीसवाला, बरवाला, तलवंडी राणा, जेवरा, जुगलान, सरसौद, बहबलपुर, बाडो पट्टी, धिकताना, बीड़ बबरान, धांसू,बुगाना,खेदड़, सुलखनी, शाहपुर, मात्रश्याम, डोभी, कुतियावालीं, बालसमंद ,सीसवाला ,रावलवास कलां, रावलवास खुर्द, शाहपुर, किरतान, खारिया, भिवानी रोहिल्ला, लुदास,हिंदवान, आर्यनगर , चंदन नगर, खारिया, डाेभी, बांडाहेड़ी, धीरणवास, देपल, रामायण, घिराय, मसूदपुर, अग्रोहा, मीरपुर, किराड़ा, संदोल, चिकनवास, हसनगढ़, पाली
जिले में शनिवार को काफी संख्या में गांवों में ओलावृष्टि हुई है। नुकसान के आकलन को लेकर राजस्व विभाग के अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं। सभी तहसीलदारों को जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार कर जिला राजस्व अधिकारी को भेजनी होगी। रिपोर्ट मिलते ही इसे सरकार को भेजा जाएगा। - उत्तम सिंह, उपायुक्त, हिसार।
किसान की मेहनत पर ओलावृष्टि ने पानी फेरने का काम किया है। प्रदेश के कई जिलों में भीषण ओलावृष्टि से सभी फसलों का नुकसान हुआ है। जल्द से जल्द प्रदेश में स्पेशल गिरदावरी करवा कर किसानों को मुआवजा राशि दिया जाए। प्रदेश सरकार स्पेशल गिरदावरी के आदेश दे। - राजेंद्र बिचपड़ी, प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ