हिसार। प्रदेश स्तर पर लिपिक वर्ग की हड़ताल खत्म करने का फैसला लिए जाने के बाद बुधवार को लघु सचिवालय के बाहर भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के नारे लगाए। लिपिकों ने बीएमएस के पोस्टर बैनर फाड़कर विरोध जताया। लिपिकों ने भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों पर धोखा देने का आरोप लगाया। मंगलवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद हड़ताल खत्म का फैसला लिया गया था। बुधवार सुबह 9 बजे सभी लिपिकों को काम पर लौटना था, लेकिन दोपहर बाद करीब 2.30 बजे तक लिपिक धरने पर डटे रहे। हालांकि बाद में कुछ कर्मचारी दफ्तर पहुंचे।
करीब 40 दिन बाद लिपिकों का धरना खत्म होने के बाद बुधवार को कार्यालयों में कामकाज होने की उम्मीद थी। आम लोगों की यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। बुधवार सुबह करीब 9 बजे से ही लिपिक लघु सचिवालय के बाहर धरना स्थल पर एकत्र होना शुरु हो गए। लिपिकों ने भारतीय मजदूर संघ के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया। लिपिकों ने कहा कि हमारी 40 दिन की मेहनत कुछ लोगों ने व्यर्थ कर दी है। हजारों कर्मियों के आंदोलन को कुछ लोगों ने ही तोड़ दिया। आंदाेलन खत्म करने से पहले बैठक की जानी चाहिए थी। इसके बाद सरकार के साथ सहमति होनी चाहिए थी। कुुछ लिपिक धरने को जारी करने की मांग उठाते दिखे।
स्थानीय इकाई ने जिला अध्यक्ष के हिसार में न होने पर अंतिम फैसला नहीं लिया। वीरवार को जिला अध्यक्ष जितेंद्र श्योराण के हिसार लौटने पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। लिपिक वर्ग के कर्मियों में सहमति नहीं बन सकी जिस कारण लिपिक 2.30 बजे तक धरना स्थल पर रहे। लिपिक दोपहर बाद पहुंचे तो उनकी आधे दिन की गैर हाजिरी लगाई गई। बता दें लिपिकों ने 35400 वेतन की मांग को लेकर 5 जुलाई को धरना शुरु किया था।
आज से होंगे काम
बुधवार को ई दिशा केंद्र, तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, लघु सचिवालय के अन्य कार्यालयों में काम नहीं हो सका। लिपिकों ने शाम 3 बजे तक कार्यभार संभाला। वीरवार से काम सामान्य हो जाएगा। ई दिशा केंद्र में सुबह 9 बजे से ही काम शुरू हो जाएगा। तहसील कार्यालयों में रजिस्ट्री का काम भी बहाल होगा।
धरना स्थल पर गाईं देशभक्ति रागनी
लिपिकों ने धरना स्थल को तिरंगे के रंग में रंगा। देशभक्ति रागनियां गाई गईं। कर्मचारियों के साथ-साथ उनके बच्चों ने बेहतरीन प्रस्तुति दी। शहीद भगत सिंह की जीवनी पर आधारित कोरियोग्राफी भी गई। बच्चों द्वारा नाटक के माध्यम से बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं का संदेश भी दिया गया। कर्मचारी सोमवीर फौजी की पुत्री अदिति व अर्षिया, गीता मोर के पुत्र रियान व तनव्य, ईशानवी तंवर व अन्वी सिंह सहित अन्य बच्चों ने शानदार प्रस्तुति दी। लिपिक अनिल रूहेल ने सौ सौ पड़े, मुसीबत बेटा, उम्र जवान में, बोस ऐसी साड़ी लयादे हो, जिसकी चमक निराली हो सहित अन्य देशभक्ति रागनियां सुनाईं।