हांसी। शहर के बरवाला रोड पर 55 एकड़ जमीन पर पुलिस लाइन का निर्माण किया जाएगा। इसे लेकर जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। यह बात हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के डीजीपी आरसी मिश्रा ने मंगलवार को विश्राम गृह में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। मिश्रा ने कहा कि जल्द ही इसके लिए काम शुरू हो जाएगा। पुलिस लाइन में पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के रहने के लिए सरकारी क्वार्टर, स्कूल सहित पुलिस जिले के कई कार्यालय बनेंगे। पुलिस लाइन के निर्माण के लिए हरियाणा पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन ने ड्राइंग भी तैयार करवा की ली है। निर्माण पर 150 करोड़ रुपये के करीब का खर्च आएगा।
डीजीपी मिश्रा ने कहा कि पुलिस लाइन बनने से थानों, चौकी के अलावा तैनात पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों को स्थायी जगह व सुविधाएं मिलेंगी। लाइन में 400 के करीब कमरे बनाए जाएंगे। वहीं एसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर सहित अन्य पुलिस कर्मचारियों के लिए आवास बनाए जाएंगे इस दौरान परशुराम सेवा दल के सदस्य जगमोहन शर्मा, डीएसपी विनोद शंकर, शहर थाना प्रभारी कृष्ण कुमार व नारनौंद थाना प्रभारी विजय तंवर मौजूद है।
6 साल पहले हुई थी जिला बनाने की घोषणा
पुलिस जिला बनाने की घोषणा सीएम मनोहर लाल ने नवंबर 2016 में रैली के दौरान की थी। अप्रैल 2017 में एसपी प्रतीक्षा गोदारा ने पुलिस जिला की पहली एसपी के रूप में यहां पर कार्यभार संभाला था। पुलिस जिला बनने के साथ ही पुलिसकर्मियों की संख्या यहां बढ़ गई। एसपी कार्यालय लघु सचिवालय के प्रथम तल पर बनाया हुआ है। पुलिस जिले में अभी एक एसपी, तीन डीएसपी, 12 इंस्पेक्टर व करीब 700 पुलिसकर्मी हैं। थानों, चौकी व कार्यालयों को छोड़कर बाकी पुलिसकर्मी लाइन में हैं।
ब्लैक बर्ड से चल रही पुलिस लाइन
कोरोना काल में पुलिस द्वारा ब्लैक बर्ड में कोविड केयर सेंटर बनाया था। कोरोना के बाद पुलिस लाइन यहां से चलाई जा रही है। इसके अलावा रेलवे रोड पर जज व पुरानी कोर्ट के समीप तहसीलदार की कंडम हुई बिल्डिंग में पुलिस की कई स्पेशल टीम हैं। ट्रैफिक थाना भी दिल्ली रोड पर एक ढाबे की किराये की बिल्डिंग में चल रहा है। महिला थाना किला बाजार पुलिस चौकी की बिल्डिंग में बना है। पुलिस के पास अभी अपनी जगह नहीं है।
अधिकारी किराये के मकानों में रहने को मजबूर
पुलिस जिला बने करीब 6 वर्ष हो गए हैं। पुलिस जिला के विस्तार के नाम पर यहां लघु सचिवालय के प्रथम तल पर केवल पुलिस कार्यालय ही बना है। जहां एसपी, डीएसपी ऑफिस के साथ साथ अन्य कई पुलिस से संबंधित शाखाओं के कार्यालय हैं। पुलिस अधिकारियों के रहने के लिए यहां पर कोई सरकारी आवास नहीं है। जिसके चलते अधिकारी किराये के मकान में रहते हैं।