हिसार। वर्ष 2021 की एक शिकायत के आधाार पर चार्जशीट किए गए जीजेयू के प्रो. राजेश ठाकुर को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने स्टे ऑर्डर प्रदान कर राहत दी है। अदालत ने इस मामले में जीजेयू से जवाब मांगा है। इस केस में अगली सुनवाई 10 मई 2024 को होगी। जीजेयू प्रशासन की ओर से राजेश ठाकुर को 19 फरवरी को चार्जशीट दी गई थी। प्रो. राजेश ठाकुर गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय शिक्षक संघ गजुटा के कोषाध्यक्ष है।
राजस्थान के हनुमानगढ़ के गांव लाखनवास सगड़ा बरानी के रहने वाले नवीन ने 20 जून 2021 को हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता को एक शिकायत भेजी थी। इसमें उन्होंने कहा कि जीजेयू के प्रोफेसर राजेश ठाकुर सरकारी कर्मचारी हैं। वह राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। वह अपने सोशल मीडिया पर भाजपा के बारे में गलत बोलते हैं। आम आदमी पार्टी को समर्थन करते हैं। उनकी फेसबुक पोस्ट प्रधानमंत्री पर आरोप लगाने वाली वीडियो से भरा हुआ है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस शिकायत को विधानसभा अध्यक्ष ने जीजेयू में भेजा। जिसके बाद जीजेयू ने कार्यकारी परिषद की बैठक में एजेंडा लाकर प्रो. राजेश ठाकुर को चार्जशीट थमा दी। सीपीडब्ल्यू 5439 -2024 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी को फोलो करना गलत नहीं है। अदालत ने इस पर प्रो. राजेश ठाकु को राहत प्रदान करते हुए स्टे दे दिया है। अगली सुनवाई के लिए 10 मई 2024 की तारीख तय की है। जिसमें जीजेयू प्रशासन को अपना पक्ष रखना होगा।