विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता सिटी थाना का घेराव करते हुए तैनात पुलिसकर्मी उन्हें रोकने की कोशि
हिसार। डाबड़ा गांव के पवन के आत्महत्या प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तार नहीं होने पर परिजनों और अनुसूचित जाति संबंधित संगठनों ने मंगलवार को शहर थाने का घेराव कर दिया। इस दौरान करीब एक घंटे तक पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस ने पवन के शव का अंतिम संस्कार मिट्टी का तेल डालकर किया था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आरोपियों की गिरफ्तार नहीं होने पर 22 जनवरी को एडीजीपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार मंगलवार डेढ़ बजे विभिन्न संगठनों से सदस्य जय भीम चीफ संजय चौहान और प्रदीप भानखड़ के नेतृत्व में प्रदर्शन करते हुए शहर थाना के बाहर पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोका। संजय चौहान, प्रदीप और मृतक पवन के चाचा रामधन ने बताया कि पुलिस ने नागरिक अस्पताल से उठा कर आजाद नगर थाना ले गए। इसी दौरान पुलिस ने गांव में पवन के शव पर मिट्टी का तेल डालकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं एक पुलिस कर्मी ने प्रदीप के साथ मारपीट की और जातिसूचक अपशब्द कहे। उनकी मांग है कि आत्महत्या प्रकरण में आरोपियों को गिरफ्तार हो और प्रदीप के साथ मारपीट करने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। इस मौके पर सुंदर पंवार, संजू, बीरबल बरवाला, रमन, कुलदीप, अजय नहला, संजय आदि मौजूद रहे।