हिसार। जिले के 506 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले 42,937 विद्यार्थियों के पहचान पत्र बनाने के लिए 110 दिन पहले 20.27 लाख रुपये का बजट जारी हुआ था। मगर जेम पोर्टल पर आई तकनीकी खामियों ने इस परियोजना पर पहले ही ग्रहण लगा दिए। पोर्टल न चलने से न तो टेंडर लग पाया है और न ही आईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हो पाई है।
क्योंकि शिक्षा निदेशालय की पहली शर्त थी कि आईडी कार्ड से संबंधित हर सामग्री जेम पोर्टल से ही खरीदी जानी चाहिए। निदेशालय की यह शर्त अब शिक्षा विभाग के अधिकारियों के गले की फांस बन चुकी है साथ ही दूसरा शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बावजूद विद्यार्थी आईडी कार्ड से अभी तक वंचित है।
प्रति कार्ड बनाने में खर्च करने हैं अधिकतम 50 रुपये
शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट है कि हर विद्यार्थी के आईडी कार्ड पर अधिकतम 50 रुपये तक ही खर्च करने हैं। जो भी कंपनी सबसे कम कीमत पर कार्ड बनाएगी, उसे ही टेंडर अलॉट कर दिया जाएगा।
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जेम पोर्टल पर आई तकनीकी खामियां बन रहीं चुनौती
शिक्षा निदेशालय के आदेश है कि पीएमश्री स्कूलों के अलावा विद्यार्थियों के आईडी कार्ड बनाने से संबंधित हर काम जेम पोर्टल से ही किया जाए। चाहे उसमें सामान खरीदने की बात हो या फिर कोई रसीद। हर जानकारी जेम पोर्टल पर अपलोड की जानी है, लेकिन तकनीकी खामियां आने के कारण जेम पोर्टल नहीं चल रहा है, जिससे स्कूल प्राचार्य से लेकर शिक्षक तक सभी परेशान हैं।
जिले में पहली से पांचवीं कक्षा में पढ़ते हैं इतने विद्यार्थी
- कक्षा पहली - 5108
- कक्षा दूसरी - 5709
- कक्षा तीसरी - 9243
- कक्षा चौथी - 11185
- कक्षा पांचवीं - 11692
- कुल योग - 42937