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Hisar News: 12 साल पहले 10 देसी गाय से शुरू की थी गोशाला, आज हुई 250, गोमूत्र, गोबर, पौधों से तैयार की जा रही 31 तरह की औषधियां

Sun, 13 Aug 2023 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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काबरेल ​स्थित कृष्ण गोशाला गो संवर्धन एवं अनुसंधान केंद्र में गाय।
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हिसार। गाय का दूध हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना गया है। गाय के दूध में विटामिन-12 पाया जाता है, जोकि पाचन की प्रक्रिया में काफी मदद करता है। वहीं, काबरेल में कृष्ण गोशाला गो संवर्धन एवं अनुसंधान केंद्र में गाय के गोमूत्र, गोबर और औषधीय पौधों से 31 प्रकार की औषधियां तैयार की जा रही हैं। जिन्हें लोग लेकर काफी हद तक बीमारियों से निजात पा रहे हैं। अभी गोशाला में जरूरत के मुताबिक छोटे स्तर पर ही औषधी तैयार की जाती है। गोशाला के सेक्रेटरी अश्वनी मित्तल का दावा है कि इन औषधी के लेने से लोगों में गठिया रोग, ह्दय रोग, बवासीर, पेट संबंधी, जोड़ों का दर्द, मधुमेह, सर्दी, बुखार, जुकाम, पेट दर्द सहित अन्य बीमारियां दूर होती हैं। इन्हें लेने के लिए हिसार के अलावा आसपास के गांवों से भी ग्रामीण पहुंच रहे हैं।
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दरअसल, 12 साल पहले यानि 2011 में 10 देसी गाय से काबरेल में गोशाला की शुरूआत हुई थी। इन गायों को हनुमानगढ़, जयपुर, भीलवाड़ा से लाया गया था। मगर आज गोशाला में हरियाणा और साहीवाल नस्ल की 250 देसी गाय हैं। जबकि 4 नंदी हैं। इन गायों के गोमूत्र-गोबर, औषधीय पौधों से तेल, शैंपू, गुलाब जल, दंत मंजन, केंचुआ खाद, गो मूत्र, गोमूत्र अर्क, गऊनिधि एलोवीरा अर्क, गऊनिधि तुलसी अर्क, गऊनिधि परिजात अर्क, गऊनिधि किडनी रक्षक चूर्ण, गऊनिधि कीट नियंत्रक, गऊनिधि अमृतधारा सहित अन्य औषधियां तैयार की जा रही हैं। गाय के गोबर व केंचुआ से ऑर्गेनिक खाद भी तैयारी की जा रही है, जोकि पेड़-पौधे और खेती के लिए काफी लाभदायक है। गोशाला हरियाणा गोसेवा आयोग से रजिस्टर्ड है। गोशाला के सचिव अश्वनी मित्तल ने कहा कि सरकार की ओर से एक साल में एक गाय के चारे के लिए 600 रुपये मिलते हैं जोकि बहुत कम हैं। प्रतिदिन एक गाय के लिए खर्च 40 रुपये देने का प्रावधान होना चाहिए।
मुख्य औषधियां, जिन्हें लेने पर ये बीमारियां हो रही दूर
- गऊनिधि एलोवीरा अर्क : शारीरिक कमजोरी, जोड़ो का दर्द, मधुमेह हो रहा खत्म
- गऊनिधि हरड़ अर्क : पाचन तंत्र को मजबूत करने, उदर रोग, कैंसर में लाभकारी
- गऊनिधि किडनी रक्षक चूर्ण : किडनी को स्वस्थ और मजबूत बनाता है
- गऊनिधि परिजात अर्क : गठिया, ह्दय रोग हो रहे दूर
- गऊनिधि तक्रासव : पेट संबंधित सभी रोगों पर प्रभावी है

गाय के गोमूत्र, गोबर और औषधीय पौधों से 31 प्रकार की औषधियां तैयार की जाती हैं। इन्हें लेने के बाद लोगों को काफी फायदा हुआ है। लोग कई प्रकार की बीमारियों से निजात पा रहे हैं। सरकार की ओर से एक साल में एक गाय के चारे के लिए 600 रुपये मिलते हैं जोकि बहुत कम हैं। प्रतिदिन एक गाय के लिए खर्च 40 रुपये देने का प्रावधान होना चाहिए।
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- अश्वनी मित्तल, सेक्रेटरी, कृष्ण गोशाला गो संवर्धन एवं अनुसंधान केंद्र, काबरेल
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