हरियाणा के हिसार के हांसी शहर के श्री काली देवी रोड इलाके में रहने वाले सहकारी बैंक के सेवानिवृत बैंक मैनेजर 78 वर्षीय बृजलाल की शनिवार देर रात सिर पर भारी वस्तु से प्रहार कर हत्या कर दी गई। मृतक के पुत्र का आरोप है कि ओडिशा के निवासी एक किराएदार ने किराया मांगने से नाराज होकर आधी रात को वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गया।
कमरे में रहने वाले अन्य किराएदार भी फरार हैं। पुलिस ने आरोपी किराएदार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस को दी शिकायत में बृजलाल के छोटे बेटे शेखर ने कहा है कि रात करीब दो बजे अचानक उसके पिता की चिल्लाने की आवाज आई तो वह अपने कमरे से दौड़कर वहां पहुंचा।
पिता खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे। उसने आसपास के लोगों को जगाया और डायल 112 पर फोन कर मामले की सूचना पुलिस को दी। डायल 112 की टीम और शहर थाना प्रभारी कृष्ण कुमार मौके पर पहुंचे। इसके बाद वे इलाज के लिए नागरिक अस्पताल गए, जहां चिकित्सकों ने उसके पिता को मृत घोषित कर दिया।
शेखर ने आरोप लगाया कि उसके पिता की हत्या उनके किराएदार ओडिशा निवासी प्रशांत उर्फ उड़िया ने की है। शेखर ने बताया कि उसके पिता कोको कोऑपरेटिव बैंक में मैनेजर के पद से रिटायर होने के बाद यहीं रहते थे। पिछले महीने के किराए को लेकर उसके पिता और प्रशांत के बीच कहासुनी हुई थी। वारदात के बाद से आरोपी प्रशांत व कमरे में उसके साथ रहने वाले तीन अन्य किराएदार भी फरार हैं।
शहर थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि मृतक के पुत्र शेखर की शिकायत पर आरोपी किराएदार प्रशांत उर्फ उड़िया के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सिर पर चोट लगने से हुई मौत
शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. अश्विनी कुमार ने बताया कि वृद्ध की मौत सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। सिर पर एक के बाद एक कई वार किए गए हैं। गहरे घाव के चलते मौत हुई है।
घटना को लेकर सवालों में उलझी पुलिस
महज एक माह का किराया बकाया होने पर हुई पूर्व बैंक कर्मी की हत्या की कहानी से आम लोग ही नहीं पुलिस भी उलझन में है। दरअसल ओडिशा निवासी आरोपी हांसी में दिहाड़ी मजदूरी करता था। वह तीन अन्य लोगों के साथ पूर्व बैंक कर्मी के मकान में किराए पर रहता था। पुलिस की उलझन यह है कि क्या एक महीने का किराया बकाया होने भर से कोई व्यक्ति हत्या जैसा जघन्य अपराध कर सकता है, या इसके पीछे कोई और बड़ी वजह है। दूसरी बात यह है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत सिर पर गंभीर चोट लगने की वजह से हुई है। खुद मृतक के छोटे पुत्र शेखर ने तहरीर में लिखा है कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचा तो उसके पिता खून से लथपथ थे, लेकिन मौके पर पुलिस पहुंची तो खून के निशान नहीं मिले। तो फिर इतनी जल्दी खून किसने साफ कर दिया। रात में दो बजे वारदात हुई और चारों किराएदार एक साथ ही फरार हो गए, लेकिन तहरीर में केवल एक किराएदार को ही आरोपी क्यों बनाया गया है।