वन विभाग की कालीरावण में नर्सरी।
हिसार। मानसून सीजन में पौधे लगाने के लिए वन विभाग तैयारी में जुट गया है। विभाग की ओर से इस बार 5 लाख 22 हजार पौधे विभिन्न स्कीमों के तहत बांटे जाएंगे। इसी प्रकार किसानों के खेत में 5 लाख 55 हजार सफेदे लगाए जाएंगे। विभाग की नर्सरी में नीम, अर्जुन, जामुन, शहतूत, शीशम, मकैण, लसोड़ा के पौधे तैयार हो चुके हैं। मानसून की पहली बारिश के बाद विभाग की ओर से पौधे लगाने और बांटने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
वन विभाग की ओर से पिछले साल 4 लाख 55 हजार पौधे दिए गए थे। इस बार 5 लाख 22 हजार पौधे देने का लक्ष्य रखा हुआ है। विभाग की ओर से पौधागिरी स्कीम के तहत स्कूलों में 1 लाख 24 हजार पौधे बांटे जाएगी।जल शक्ति अभियान के तहत 1 लाख 79 हजार पौधे दिए जाएंगे। इन्हें कोई पंचायत ले सकता है।वहीं, फ्री स्कीम के तहत 2 लाख 19 हजार पौधे बांटे दिए जाएंगे। इसके अलावा 1 लाख 65 हजार 700 पौधे सड़क किनारे, डिवाइडर, वन विभाग की जमीन, पंचायत भूमि व शिक्षण संस्थानों की जमीन पर लगाए जाएंगे। वन विभाग की बीड़ हिसार, दौलतपुर, आदमपुर, कालीरावण, हांसी, पाली में पौधों की नर्सरियां हैं। वन विभाग को इस बार 8 करोड़ 4 लाख 98 हजार 948 रुपये बजट मिला है, जहां वन विभाग की ओर से पौधारोपण किया जाएगा। वहीं पौधों की देखभाल करने और उन्हें पानी देने की जिम्मेदारी भी वन विभाग की होगी।
एक विद्यार्थी को मिलेगा एक ही पौधा
वन विभाग की ओर से पौधगिरी स्कीम के तहत स्कूलों में एक लाख 24 हजार पौधे दिए जाएंगे। एक विद्यार्थी को एक पौधा दिया जाएगा। वन विभाग की ओर से छठी कक्षा से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पौधे दिए जाएंगे। मगर स्कूल प्रशासन की ओर से स्कूल के लेटर हेड पर लिखवाकर लाना होगा। इसके बाद ही विद्यार्थियों के लिए टीचर पौधे ले सकता हैं।
वन विभाग की नर्सरियों में पौधे तैयार हैं। मानसून की पहली बारिश के बाद पौधारोपण और पौधे बांटने शुरू कर दिए जाएंगे। अपील है कि जो भी पौधे लें, उसकी पूरी देखभाल करें और पानी दें। एक दिन पौधा वृक्ष का रूप धारण कर लेगा।
- रोहताश बिरथल, जिला वन अधिकारी