गांव सिसाय में संदीप के घर से करीब तीन करोड़ रुपये की चर्स बरामदगी मामले में एनसीबी चंडीगढ़ द्वारा दर्ज एनडीपीएस एक्ट के केस में बुधवार को एडीजे गुरविंद्र सिंह वधवा की अदालत ने पांच लोगों को दोषी करार दिया है। सजा के लिए 12 मार्च निर्धारित की गई है। मामले की जानकारी अधिवक्ता विरेंद्र गगनेजा, सिरसा अदालत, एसपीपी, एनसीबी चंडीगढ़ ने दी है। उन्होंने बताया कि मामले के संबंध में एनसीबी (नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) चंडीगढ़ ने अदालत में वर्ष 2018 चार्जशीट दायर की थी। अदालत में बताया गया था कि 15 दिसंबर 2017 की सुबह करीब साढ़े 10 बजे हांसी सिसाय रोड पर हांसी रोड बस्ती में संदीप के मकान में गुप्त सूचना के आधार पर एनसीबी ने दबिश दी थी। उस दौरान टीम को सूचना मिली थी कि संदीप के मकान में चरस की बड़ी खेप बादल और सौरभ ला रहे हैं। उस दौरान टीम ने बादल व सौरभ को मौके पर ही दबोच लिया था, जबकि सुरजीत और सुरेश दोनों मौके से दीवार फांदकर भाग गए थे। उस दौरान हांसी सदर थाना पुलिस को भी सूचित कर मौके पर टीम ने बुला लिया था। टीम ने उस दौरान वहां तीन बोरों में से 65.230 किलो चरस बरामद की थी। टीम ने बादल के पास से ड्रग मनी के 20 हजार रुपये भी बरामद किए थे। यह चरस सुरजीत और सुरेश ने बादल के पिता हरिशंकर यादव के द्वारा नेपाल से शोभा मामा उर्फ प्रदीप से मंगवाई थी। इस मामले में हरिशंकर यादव पहले ही हिसार जेल में बंद है। वहीं इस मामले में शोभा मामा उर्फ प्रदीप और नाजिर मियां आदी की गिरफ्तारी के लिए एनसीबी प्रयास में है। मामले में कार्रवाई करते हुए बिहार निवासी बादल कुमार यादव, मध्यप्रदेश निवासी सौरभ, हांसी के सिसाय निवासी सुरजीत, संदीप और सुरेश को बुधवार को अदालत में पेश किया। उन्हें अदालत ने दोषी करार दे दिया है।