हिसार। बिना समाधान मालिकों को लौटाईं प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी आपत्तियों की 5 हजार फाइलों का अब निगम प्रशासन निपटारा करेगा। मुख्यालय ने निगम की तरफ से लौटाई गईं फाइलों को फिर से शहरी स्थानीय निकाय के पोर्टल पर डाल दिया है। यही नहीं मुख्यालय ने फाइलों पर लगाए गए पहले आओ, पहले पाओ (फीफो) को हटा दिया है।
उधर, जिला प्रशासन की तरफ से लगाए गए समाधान शिविर में 5 दिनों में प्रॉपर्टी आईडी संबंधी 37 शिकायतें पहुंची हैं। इनमें से 18 का समाधान कर दिया गया है। बता दें कि पिछले दिनों प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर हुए सर्वे के कारण प्रदेश सरकार व शहरी स्थानीय निकाय विभाग की काफी किरकिरी हुई थी।
इस सर्वे में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों के शहर की जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। इसका खामियाजा सत्ताधीन पार्टी को लोकसभा चुनाव में उठाना पड़ा है। चूंकि अब इसी साल विधानसभा चुनाव भी हैं तो इसे देखते हुए सरकार ने अपनी गलती को सुधारने का फैसला किया है। सरकार की तरफ जिला व उपमंडल स्तर पर लगाए जा रहे समाधान शिविर में भी काफी संख्या में लोग प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं।
निगम अधिकारियों की मानें तो मुख्यालय का तर्क यह है कि जिन लोगों की फाइलें किसी न किसी कारण से लौटाई गई हैं, वो ही लोग अब शिकायतें लेकर आ रहे हैं। अगर इन लोगों की शिकायतों का समाधान कर दिया जाए तो काफी हद तक लोगों की प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। मुख्यालय ने फाइलों पर लगाए गए फीफो को भी हटा दिया है। अब क्लर्क किसी भी फाइल का निपटान कर सकेंगे। फीफो के लागू होने से मेकर व चेकर को सिर्फ अपनी आईडी में 10 फाइल ही दिखती थी और उनमें भी वह पहले नंबर की फाइल निपटाने के बाद ही दूसरी फाइल को खोल सकते थे।
समाधान शिविर में 5 दिनों में पहुंची कुल 53 शिकायतें : लघु सचिवालय में लगाए जा रहे समाधान शिविर में 5 दिनों में निकाय से संबंधित कुल 53 शिकायतें मिली हैं। इनमें प्रॉपर्टी आईडी की 37 शिकायतें हैं। इनमें से 18 का समाधान किया जा चुका है, जबकि 19 लंबित है।
को-ऑपरेटिव सोसायटी के प्लॉटों की बन सकेंगी प्रॉपर्टी आईडी
हिसार। राज्य सरकार ने नीति में संशोधन कर को-ऑपरेटिव सोसायटी प्लॉट अलॉटमेंट कार्ड को प्रॉपर्टी आईडी बनवाने में मान्यता प्रदान कर दी है। इस संशोधन से प्रदेश के लाखों लोगों को फायदा होगा। उपायुक्त प्रदीप दहिया लघु सचिवालय परिसर स्थित जिला सभागार में आयोजित समाधान शिविर में लोगों की जनसमस्याएं सुनकर उनका समाधान कर रहे थे। उपायुक्त ने कुछ दिन पहले प्रॉपर्टी आईडी बनवाने में को-ऑपरेटिव सोसायटी के प्लॉट अलॉटमेंट कार्ड को मान्यता प्रदान को लेकर नीति में संशोधन करने की सलाह दी थी।
समाधान शिविर के दौरान उपायुक्त ने गांव लोहारी राघो के ग्रामीणों द्वारा पंचायती जमीन से अवैध कब्जे हटवाने की शिकायत पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए कि वे निशानदेही का कार्य पूर्ण कराकर एक माह के अंदर रिपोर्ट भिजवाना सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने कॉमन सर्विस सेंटर के संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे सरकार की तरफ से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि न वसूलें, अन्यथा संबंधित सेंटर संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।