महापंचायत में बाढ़ग्रस्त किसानों को मुआवजा, एमएसपी गारंटी कानून, नूह में भाईचारे को कायम कराना, 22 अगस्त को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री घेराव को लेकर फैसले लिए गए। महापंचायत ने बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा 50 हजार रुपये करने की मांग की। अनुसूचित वर्ग के लोगो को घरों में नुकसान भरपाई के लिए 5 लाख रुपये दिए जाएं। बाढ़ में मारे गए पशुओं के लिए एक लाख रुपया प्रति मुआवजा दिया जाए।
मुस्लिम नेता शाहिद नवादा ने कहा कि सभी बंदे भगवान के है। सभी को कर्मो का फल मिलता है। हमें महाभारत और रामायण से सीखने की जरूरत है। सभी को मिलकर चलने की जरूरत है। किसी भी आदमी को मारने का अधिकार नहीं है। जब पानी, आकाश, सूर्य एक है तो हम सभी एक हैं। किसान नेता मंदीप नथवान ने कहा कि बीजेपी अंग्रेजों वाली फूट डालो राज करो की नीति अपनाकर राज करती है। लोगों को विकास के मुद्दे से हटाकर नूंह जैसी वारदातें करवाकर चुनाव जीतना चाहती है।
कामरेड इंद्रजीत ने कहा कि हमारा आंदोलन लूट और फूट के खिलाफ है। आपसी फूट से ऊपर उठकर यह आंदोलन लड़ना पड़ेगा। हमें सांप्रदायिकता और फूट के खिलाफ लड़ाई लड़नी है। 31 जुलाई को भी सरकार ने नूंह में फूट डालने की कोशिश की थी लेकिन हरियाणा के लोगों ने सरकार के मंसूबे को फेल कर दिया।