नारनौंद । किसानों के अनुसार पुलिस ने उन पर कम से कम 50 बार आंसू गैस के गोले छोड़े। आंसू गैस के लोगों से भी कई किसान घायल हुए हैं। किसानों के अनुसार पुलिस किसानों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की कि घरों में घुसकर लोगों को पीटा गया। देर रात को किसानों और प्रशासन के अधिकारियों के बीच वार्ता चली। जिला उपायुक्त उत्तम सिंह और पुलिस अधीक्षक मकसूद अहमद वार्ता में मौजूद रहे। किसानों ने अपने साथियों को रिहाई की मांग की। बातचीत के दौरान दिन में हिरासत में लिए गए किसान नेताओं को रिहा करने पर सहमति बन गई। सहमति बनने के बाद इन किसान नेताओं को खेड़ी चौपटा में ही लाया गया। किसान नेता अपने आंदोलन को लेकर अब शनिवार को धरनास्थल पर बैठक करेंगे। बैठक में आंदोलन के अगले कदम को लेकर कोई फैसला किया जाएगा। अखिल भारतीय किसान सभा ने खेड़ी चौपटा की घटना के बाद 24 फरवरी को किसान सभा की बैठक बुलाई है। लघु सचिवालय के बाहर धरना स्थल पर होने वाली बैठक में आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
एसपी ने की शांति की अपील
हांसी एसपी मकसूद अहमद ने प्रेस को बयान जारी कर कहा कि पुलिस ने किसान नेताओं को शांतिपूर्वक समझने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। किसान उग्र होकर पुलिस प्रशासन को तीन तरफ से घेरकर पथराव कर दिया । अपने बचाव में पुलिस प्रशासन द्वारा हल्के पुलिस बल का प्रयोग किया गया। किसानों के पथराव से 3 पुलिस कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए व 21 अधिकारी व कर्मचारी को चोटे आई। 3 घायल कर्मचारियों को सिविल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है। पुलिस व सिविल प्रशासन के वाहन को भी काफी नुकसान पहुंचाया गया। एसपी ने किसान संगठनो से अपील की है।