लघु सचिवालय के समक्ष डीएसओ शमशेर सिंह को मांग पत्र सौंपते किसान। संवाद
सिरसा। दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों के समर्थन में किसानों ने भाजपा सांसद के पुतले की शव यात्रा निकाली। किसानों ने रोष प्रदर्शन करते हुए लालबत्ती चौक पर पुतले का दहन किया। किसानों ने सांसद बृजभूषण को बर्खास्त करने व गिरफ्तारी की मांग की। इसके साथ ही सरसों की सरकारी खरीद शुरू करने के लिए लघु सचिवालय के समक्ष धरना भी दिया।
बुधवार को जिले के किसान संगठन, सामाजिक संस्थाएं खिलाड़ियों के धरने के समर्थन में आए। सभी सदस्य अनाज मंडी स्थित किसान भवन में एकत्र हुए। प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे बीकेई अध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने कहा कि देश के लिए मेडल लाने वाले खिलाड़ी सरकार के सांसद व मंत्रियों के खिलाफ धरना देने को मजबूर हैं। पहले खेल मंत्री तो सांसद के खिलाफ मोर्चा लगा रखा है। भाजपा सरकार में कोई भी वर्ग धरना देने से वंचित नहीं रह गया है। सरकार अपने मंत्रियां और नेताओं को बचाने में लगी हुई है। बीते कई दिनों से खिलाड़ी दिल्ली में जंतर मंतर पर बैठकर इंसाफ की मांग कर रहे है, लेकिन उनकी कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा अराजनीतिक के आह्वान पर देश भर के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया गया है।
सरसों की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग, किसानों ने दिया धरना
सरसों की खरीद दोबारा से शुरू करने की मांग को लेकर किसान लघु सचिवालय में पहुंचे। यहां पर किसानों ने उपायुक्त को मांगपत्र सौंपने की बात कही। उपायुक्त के कार्यालय में न होने की सूचना मिलने पर किसानों ने लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर धरना दे दिया। करीब आधे घंटे बाद किसानों ने यहां पर डीएसओ को मांग पत्र सौंपा।
किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख ने कहा कि सरसों की सरकारी खरीद एक मई को अचानक सरकार ने फरमान जारी कर बंद कर दिया। जिला की सभी अनाज मंडियों में सैकड़ों किसानों के ई-खरीद के टोकन भी कट चुके थे। प्रदेश में मेरी फसल-मेरा ब्योरा के तहत 11 लाख 55 हजार क्विंटल सरसों का रजिस्ट्रेशन हुआ था, जिसमें अभी तक 7 लाख 80 हजार क्विंटल सरसों की खरीद हुई है। इसमें सरकारी एजेंसियों ने 5 लाख 48 हजार क्विंटल सरसों ही खरीदी है। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से अभी तक 3 लाख 76 हजार क्विंटल सरसों की खरीद अभी भी बाकी है। लखविंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही थी कि किसान की फसल का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदा जाएगा, लेकिन सरकार अपने वादे से मुकर रही है।