हिसार। नई अनाज मंडी में सिर्फ 11 दिन ही बाजरे की सरकारी खरीद हो पाई है। सरकार ने 11 अक्तूबर से बाजरे की सरकारी खरीद बंद करने का फैसला लिया। फिलहाल प्राइवेट एजेंसी की ओर से बाजरे की खरीद जारी है।
मार्केट कमेटी के मंडी सुपरवाइजर अशोक कुमार का कहना है कि सरकार की ओर से भावांतर योजना के तहत किसानों की भरपाई के आदेश के बाद से मंडी में बाजरे की सरकारी खरीद बंद है। बाजरे की प्रति क्विंटल खरीद पर भावांतर योजना के तहत किसानों को 450 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान किया जाएगा। वहीं, किसानों का कहना है कि भावांतर योजना के तहत उनके खाते में पैसा कब आएगा, उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
एक अक्तूबर से 11 अक्तूबर तक नई अनाज मंडी में कुल 18275 क्विंटल बाजरा आया था। इसमें से 10886 क्विंटल बाजरे की सरकारी खरीद हुई, वहीं 7389 क्विंटल बाजरा प्राइवेट एजेंसी की ओर से खरीदा गया। शुक्रवार को 391 क्विंटल बाजरा प्राइवेट एजेंसी की ओर से 1650 रुपये से 1800 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदा गया।
मार्केट कमेटी से अधिकारियों के अनुसार जिले के 22586 किसानों ने बाजरे के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है। अधिकारियों ने दावा किया है कि जितने भी किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है, उन सबको भावांतर योजना के तहत रुपये मिलेंगे। मगर किसानों के खाते में कब आएंगे, इसके बारे में अधिकारी भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हैं।
इस साल बाजरे की सरकारी खरीद
तिथि फसल खरीद
1 अक्तूबर शून्य
- 2 अक्तूबर शून्य
- 3 अक्तूबर 139 क्विंटल
- 4 अक्तूबर 339 क्विंटल
- 5 अक्तूबर 400 क्विंटल
- 6 अक्तूबर 1765 क्विंटल
- 7 अक्तूबर 1947 क्विंटल
- 8 अक्तूबर 2964 क्विंटल
- 9 अक्तूबर शून्य
- 10 अक्तूबर 1870 क्विंटल
- 11 अक्तूबर 1462 क्विंटल
नोट : प्राइवेट एजेंसी ने 7389 क्विंटल बाजरा खरीदा
पिछले साल प्राइवेट एजेंसी ने खरीदा बाजरा
1 अक्तूबर 334 क्विंटल
2 अक्तूबर 566 क्विंटल
3 अक्तूबर शून्य
4 अक्तूबर 1050 क्विंटल
5 अक्तूबर 450 क्विंटल
6 अक्तूबर 1010 क्विंटल
7 अक्तूबर 700 क्विंटल
8 अक्तूबर 1090 क्विंटल
9 अक्तूबर 934 क्विंटल
10 अक्तूबर 151 क्विंटल
11 अक्तूबर 1571 क्विंटल
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सरकार की ओर से दी जाने वाली भावांतर योजना ठीक है, मगर किसानों के खातों में पैसा कब आएगा, इसका कुछ पता नहीं है। जल्द से जल्द सरकार की ओर से पैसा डाला जाए। - विनोद कुमार, किसान, नंगथला
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बाजरे पर भावांतर योजना सही है। इससे किसानों की भरपाई हो जाएगी। किसानों को बाजरे की प्रति क्विंटल खरीद पर भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों को 450 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान करने की बात कही जा रही है। - रघुवीर सिहाग, किसान, किरमारा
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इस बार 15 क्विंटल बाजरा होना था। मगर बारिश के कारण जलभराव होने से 10 क्विंटल बाजरे का नुकसान हो गया। जल्द से जल्द भावांतर योजना के तहत किसानों का भुगतान किया जाए, ताकि कुछ तो भरपाई की जा सके। - सीताराम, किसान, श्यामसुख
फिलहाल बाजरे की सरकारी खरीद बंद है। 12 अक्तूबर से मंडी में प्राइवेट एजेंसी ही बाजरा खरीद रही है। शुक्रवार को जिले के विभिन्न गांवों से 12 किसान मंडी में 391 क्विंटल बाजरा लेकर पहुंचे थे, जिसे प्राइवेट एजेंसी ने खरीद लिया। - अशोक कुमार, मंडी सुपरवाइजर, मार्केट कमेटी