हांसी। नगर परिषद पर आए दिन भ्रष्टाचार के आरोप लगते आ रहे हैं। अब नगर परिषद के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन सहित 20 पार्षदों ने ईओ राजाराम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए एंटी क्रप्शन ब्यूरो व शहरी स्थानीय निकाय के चीफ विजिलेंस अफसर को शिकायत भेजी है। पार्षदों ने आरोप लगाया कि बिना किसी ऑडिट के ठेकेदारों को राशि का भुगतान कर दिया है।
पार्षदों ने दो पेज की भेजी शिकायत में आरोप लगाया कि नगर परिषद में पिछले 3 से 4 महीनों से भ्रष्टाचार का ग्राफ बढ़ा है। चार महीने पूर्व जो भी विकास कार्य किए गए थे। उनको कार्यकारी अधिकारी व लेखाकार द्वारा बिना ऑडिट के ठेकेदारों की लाखों रुपये की पेमेंट व 10 प्रतिशत सिक्योरिटी का भुगतान कर दिया है। इसके कारण सभी वार्डों में समान विकास कार्य नहीं हो पाए। आम जनता एनडीसी के लिए चक्कर काट रही है। लोगों से काम करवाने के लिए दलालों के माध्यम से पैसे की डिमांड की जाती है। क्लर्कों की संख्या पूरी होने के बावजूद ईओ चौथे दर्जे व डीसी रेट पर लगे कर्मचारियों द्वारा एडमिन आईडी चलवा कर सरकार के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। शिकायत भेजने वालों में पार्षद प्रीति मुवाल, आशीष उर्फ पिंकू, शकुंतला सैनी, शंटी, हरीराम सैनी, अनिता सिंगला, नितेश शर्मा, धर्मवीर मजोका, दुल्ली चंद, बेबी सिंगला, कृष्ण सैनी, रमेश सिसोदिया, कामरा, सुमन शर्मा आदि शामिल हैं।
पार्षदों का कहना है कि नगर निगम, हिसार व नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारी आपस में मिले हैं। इसलिए निगम के किसी अधिकारी से इसकी जांच न करवाकर किसी अन्य कार्यालय के अधिकारी से जांच करवाएं। साथ ही बीते 4-5 महीने में प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित कामों की जांच करवाई जाए। इस बारे में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी राजाराम से बात की गई तो उन्होंने कुछ कहने से मना कर दिया।