बालसमंद (हिसार)। गांव बालसमंद में कुछ लोगों ने घर में घुसकर पूरे परिवार को जिंदा जलाने की नीयत से आग लगा दी। घर में रखी 2 लाख 32 हजार रुपये की नकदी, बेड, बिस्तर, कपड़े, चारपाई, कूलर सहित अन्य घरेलू सामान जलकर राख हो गया। पड़ोसी ने बुजुर्ग दंपती के चिल्लाने की आवाज सुनकर पिछला दरवाजा तोड़कर दोनों की जान बचाई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आगजनी के बाद परिवार ने डर के कारण गांव से पलायन की बात कही है।
गांव बालसमंद निवासी 64 वर्षीय सुमेर ने बताया कि शुक्रवार रात को वह अपनी पत्नी कृष्णा के साथ घर में सोए हुए थे। उनके दोनों बेटे अपने चाचा के घर सो रहे थे। रात को करीब एक बजे अज्ञात लोग उनके घर में घुस आए। इन लोगों ने एक लकड़ी पर कपड़ा बांधकर उस पर पेट्रोल डाला हुआ था। इस लकड़ी के जरिये आग लगा दी। आग लगाने के बाद मौके से भाग गए। रात के समय अंधेरा व धुआं होने के कारण आग लगाने वालों की पहचान नहीं कर सके। आग की लपटें देखकर चिल्लाए तो पड़ोसी ने दूसरी साइड का दरवाजा तोड़कर दोनों की जान बचाई। आसपास के लोगों ने फायर ब्रिगेड को फोन किया। जब तक फायर ब्रिगेड पहुंची घर का सारा सामान जलकर राख हो चुका था।
ये सामान जलकर हुआ राख
सुमेर ने बताया कि उन्हें गांव के रहने वाले पूर्व फौजी को एक लाख रुपये देने थे। कुछ रुपये दूसरे काम में उपयोग के लिए निकाले थे। घर में रखी करीब 2.32 लाख की नकदी आग में जलकर राख हो गई। बेड, चारपाई, सिलाई मशीन, कपड़े बर्तन और आवश्यक कागजात सहित अन्य सामान जलकर राख हो गया।
सोशल मीडिया के कारण दो पक्षों में हुई थी तकरार
सुमेर ने बताया कि 16 वर्षीय पोते ने सोशल मीडिया पर कोई अश्लील संदेश भेज दिया था। इससे दोनों पक्षों में तकरार हो गई थी। चार दिन पहले गांव में ही एक पंचायत हुई थी। सुमेर ने बताया कि हम पांच भाई हैं। पांचों भाई गांव में दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। पशुओं और बच्चों को रिश्तेदारी में भेज दिया है। भय के माहौल में घर पर ही नहीं आ रहा था। सुमेर ने बताया कि हम दस दिन बाद इस घर में सोए हैं। आगजनी की घटना के बाद भय के माहौल में हैं। हमें मजबूरन गांव छोड़ना पड़ेगा।
वर्जन
बालसमंद में अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर दो कमरों में आग लगा दी। पुलिस ने मौके का मुआयना करके अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
- संदीप, एएसआई, जांच अधिकारी, बालसमंद चौकी