हिसार। सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के हैंगर की छत उड़ने के मामले की गूंज चंडीगढ़ तक पहुंच गई है। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर इन चीफ महेश मदान ने इस बारे में रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। रिपोर्ट की जांच के बाद कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा। प्रोजेक्ट की डिटेल भी ली जाएंगी। अगर कोई दोषी मिला तो कार्रवाई तय है।
एयरपोर्ट के पहले चरण के कार्य के तहत तीन हैंगर का निर्माण किया गया है। वर्ष 2016 से 2020 के बीच बनकर तैयार हुए इन हैंगर में छोटे एयर क्राफ्ट खड़े किए जा रहे हैं। पिछले कुछ समय में चली आंधी में तीन में से दो हैंगर की छत का बड़ा हिस्सा उड़ गया है। ऐसे में यहां एयरक्राफ्ट को खड़ा करना भी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं रह गया है। तेज आंधी में इस तरह से हैंगर की छत का उड़ना एक तरह से इसके निर्माण पर सवालिया निशान है। अभी एयरपोर्ट का दूसरा चरण पूरा भी नहीं हो सका उससे पहले ही यह घटना विभाग की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है। अमर उजाला ने शनिवार के अंक में इस खबर का खुलासा किया था। इसके बाद इसकी गूंज चंडीगढ़ तक पहुंची। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर इन चीफ ने अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।
मुझे एयरपोर्ट के हैंगर के बारे में जानकारी मिली है। अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई है। पूरे तथ्यों के साथ रिपोर्ट आएगी। किसी तरह की लापरवाही मिली कार्रवाई हर हाल की जाएगी। - महेश मदान, इंजीनियर इन चीफ, पीडब्ल्यूडी, हरियाणा