हिसार। मानसून के साथ ही जिला मलेरिया विभाग ने डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी है। गांव और शहर में जाकर लारवे की जांच के लिए 40 कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। विभाग की तरफ से कर्मचारियों को हाई रिस्क एरिया में कर्मचारियों को घर-घर जाकर बुखार के मरीज की ब्लड स्लाइड बनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं घरों में लारवा मिलने पर नोटिस जारी किए जाएंगे। पिछले साल जिले में 1500 से ज्यादा मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी।
डिप्टी सीएमओ डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि मानसून में पानी एकत्रित होने पर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का लारवा फैलने की आशंका बनी रहती है। इस पर अंकुश लगाने के लिए जिला मलेरिया विभाग द्वारा मार्च माह से ही जागरूकता अभियान चलाया हुआ है। अब अभियान में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि लारवा की जांच करने और फॉगिंग के लिए 40 कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। हाई रिक्स जैसे ईंट भट्ठाें, निर्माणाधीन कार्य और जहां पर पानी का जमाव होता है वहां पर फीवर ब्लड स्लाइड बनाकर लोगों के खून की जांच की जाएगी।
लारवा मिलने पर दिए जाएंगे नोटिस
उन्होंने बताया कि जागरूकता अभियान के दौरान टीम घरों में लारवा की जांच करेगी। घर में अगर लारवा मिलता है तो मकान मालिक को नोटिस दिया जाएगा। नोटिस देने के बाद दोबारा से लारवा पाया जाता है तो जुर्माना किया जाएगा। इसके अलावा जिले के गांवों में ग्राम सभा कर ग्रामीणों को डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया से बचने और उस पर अंकुश लगाने के लिए जानकारी दी जाएगी।
मच्छर मिलने पर होगी फॉगिंग
उन्होंने बताया कि टेमीफोस दवा की कोई कमी नहीं है। मच्छर फैलने पर फॉगिंग करने के लिए नगर निगम का दवा मुहैया करवा दी जाएगी। इसके अलावा मलेरिया विभाग द्वारा फॉगिंग की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे हर रविवार को कूलर, फ्रिज की पीछे वाली ट्रे, फूलदान, छत पर टूटा फूटा सामान, पानी की टंकी आदि की जांच करें।
डेंगू बुखार से बचाव के उपाय
घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
कूलर का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदलें।
घर में कीटनाशक दवाई छिड़कें।
बच्चों को ऐसे कपड़े पहनें, जिससे उनके हाथ पांव पूरी तरह से ढके रहें।
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
मच्छर भगाने वाली दवाइयों का प्रयोग करें।
टंकियों और बर्तनों को ढक कर रखें।